“100 गज में तम्बाकू गायब… नशे के खिलाफ किया गया जागरूक, दिलाई गई शपथ… लेकिन आदत अब भी आसपास!”
देवभोग में कोटपा अभियान — चालान कम, चेतावनी ज्यादा…
बस्तर की माटी न्यूज़ (BKM NATIONAL NEWS), गरियाबंद
देवभोग में आज खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने कोटपा एक्ट-2003 के तहत ऐसा अभियान चलाया कि पान दुकानों से लेकर होटल और किराना दुकानों तक सबकी सांसें “धुएं” में उड़ गईं।

औषधि निरीक्षक धरमवीर सिंह ध्रुव के नेतृत्व में टीम ने स्कूलों के 100 गज दायरे में तम्बाकू बिक्री पर नजर दौड़ाई। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान, नाबालिगों को तम्बाकू उत्पाद बेचने और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास गुटखा-सिगरेट बेचने वालों पर कार्रवाई करते हुए कुल 68 चालान काटे गए।

अभियान के दौरान दुकानदारों को समझाइश दी गई कि दुकान में “धूम्रपान निषेध” बोर्ड लगाएं, नाबालिगों को तम्बाकू उत्पाद न बेचें और माचिस-लाईटर काउंटर पर इस तरह न सजाएं जैसे कोई त्योहार ऑफर चल रहा हो।

इधर टीम में शामिल रोशनी राजपूत ने होटल, फल दुकानों और किराना दुकानों का निरीक्षण करते हुए अखबार में समोसा-पकौड़ी परोसने पर भी रोक लगाने की समझाइश दी। होटल संचालकों को बताया गया कि “न्यूज पढ़िए, खाइए मत।”

वहीं देवभोग के निजी अस्पताल “देवमाता” की फार्मेसी में औचक निरीक्षण कर दवाओं के रख-रखाव और खरीद-बिक्री की जांच की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि दवा दुकानें “मेडिकल स्टोर” रहें, “मिनी गोदाम” नहीं बनें।

अभियान के अंत में लोगों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। हालांकि कुछ लोगों ने धीरे से यह भी पूछ लिया—“शपथ के बाद पान मसाला भी छोड़ना पड़ेगा क्या?”
फिलहाल देवभोग में एक दिन के लिए इतना जरूर हुआ कि गुटखे की जेबें थोड़ी अंदर चली गईं… और “100 गज” शब्द का महत्व लोगों को पहली बार भूगोल से ज्यादा व्यवहार में समझ आया।

