सत्यानंद यादव
कोंडागांव बस्तर के माटी समाचार शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर गुजराती समाज कोंडागांव द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी गुजरात की पारंपरिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है। समाज के पुरुष एवं महिलाएं पारंपरिक गुजराती वेशभूषा में प्रतिदिन गरबा और डांडिया नृत्य के माध्यम से मां की आराधना कर रहे हैं। भक्तिमय वातावरण और उत्साह के बीच इस वर्ष समाज ने ‘9 दिन–9 संकल्प–9 दान’ की अभिनव पहल कर आयोजन को सेवा और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का प्रयास किया है।
नौ दिन, नौ संकल्प और दान की प्रेरणा
इस पहल का उद्देश्य नवरात्र के प्रत्येक दिन एक सकारात्मक संकल्प के माध्यम से समाज में सेवा, सहयोग और परोपकार की भावना को प्रोत्साहित करना है। इसके अंतर्गत जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और स्वास्थ्य संबंधी सहायता, बच्चों की शिक्षा में सहयोग, जल संरक्षण, स्वच्छता, पशु-पक्षियों के प्रति संवेदना, पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण तथा जरूरतमंदों की यथासंभव मदद जैसे विषयों के माध्यम से दान और सेवा का महत्व बताया जा रहा है। संदेश यह है कि दान केवल धन से नहीं, बल्कि समय, श्रम, ज्ञान और संवेदना से भी किया जा सकता है।
निःशुल्क पौधा वितरण से पर्यावरण संरक्षण का संदेश
समाज द्वारा निःशुल्क पौधा वितरण कर लोगों को वृक्षारोपण और पौधों की नियमित देखभाल के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से हरित पर्यावरण के निर्माण और आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया जा रहा है।
गुजराती समाज कोंडागांव का यह आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का संगम बन रहा है। गरबा और डांडिया की पारंपरिक रंगत के साथ ‘9 दिन–9 संकल्प–9 दान’ की पहल यह संदेश देती है कि नवरात्र का पर्व मां दुर्गा की आराधना के साथ सेवा, करुणा, दान और प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लेने का भी अवसर है।

