जयप्रकाश ठाकुर
दंतेवाड़ा बस्तर के माटी समाचार धुरवा समाज जिला इकाई दंतेवाड़ा के नेतृत्व में हर साल के भाती सर्व मूल बस्तरिया समाज जिला दंतेवाड़ा के द्वारा बस्तर महान भुमकाल स्मृति दिवस का 115वीं वर्षगांठ मनाया गया, भूमकाल दिवस बस्तर के मूल आदिवासियों के द्वारा बस्तर के हर जिलों में बड़ा हर्ष के साथ मनाया जाता है। हर साल के भांति इस वर्ष भी बड़ा हर्ष के साथ भूमकाल स्मृति दिवस एवं भूमकाल महानायक स्वतंत्रता सेनानी क्रांतिकारी अमर शहीद वीर गुण्डाधुर के वीर गाथाओं एवं उनके द्वारा देशहित में किए कार्यों का वर्णन किया गया ,इसी वर्णन के आधार पर समाज के लोगों ने राज्य सरकार को विभिन्न मांग इस कार्यक्रम के माध्यम से एसडीम बचेली को ज्ञापन सौपा गाय
मांग निम्न है-

(1) बस्तर महान भूमकाल स्मृति दिवस पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 10 फरवरी को सार्वजनिक अवकाश छत्तीसगढ़ राज्य में घोषित किया जाए।
(2) भूमकाल में महानायक स्वतंत्रता सेनानी क्रांतिकारी अमर शहीद वीर गुण्डाधुर के वीरगाथाओं एवं उनके द्वारा देश हित में किए गए कार्यों को छत्तीसगढ़ के शिक्षा नीति जैसे पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया जाए।
(3) छत्तीसगढ़ के विशेष स्थान में एवं जन कल्याणकारी स्थानो का नाम अमर शहीद वीर गुण्डाधुर के नाम से किया जाए।
(4) बस्तर संभाग क्षेत्र से प्रति दिन सैकड़ो की संख्या में आदिवासी नाबालिक लड़कियों को कुछ दलाल अधिक रुपए का लालच देकर बस्तर से अन्य जिगर प्रदेश में ले जाकर उनका देह व्यापार, बंधूआ मजदूर एवं बंधक बनाकर रखा जा रहा है ऐसी स्थिति की सुधार हेतु बस्तर संभाग की सभी श्रम निरीक्षकों को छत्तीसगढ़ शासन के श्रम नीति का कड़ाई से पालन करने एवं दलालों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही करने हेतु निर्देश जारी करने की कृपा करें।
(5) बस्तर संभाग के अंदरूनी क्षेत्रों में आम लोगों को नक्सली बताकर उनके फर्जी मुठभेड़ में हत्या की जा रही है जिससे अंदरूनी इलाकों में छत्तीसगढ़ शासन पर लिए गए निर्णय पर सदभावना पूर्वक एवं राज्यहित में विचार करते हुए,उक्त बिंदुवार निर्णय पर आवश्यक विचार करते हुए उचित निर्णय लेने की कृपा करें
समाज आपका सदैव आभारी रहेगा।