अमृत सिंह
रायपुर बस्तर के माटी समाचार छत्तीसगढ़ सवर्ण आयोग की मांग निरंतर पिछले कुछ वर्षों से हो रही है। सवर्ण संघर्ष समिति के संयोजक संदीप तिवारी ने जारी एक बयान में कहा कि जिस प्रकार अन्य समाज के आयोग का गठन छत्तीसगढ़ में हुआ है, उसी प्रकार सवर्ण आयोग का गठन भी बहुत जल्द होना चाहिए। संदीप तिवारी ने सभी नवनियुक्त आयोग के पदाधिकारियों को एवं सदस्यों को बधाई एवं शुभकामना देते हुए माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी से आग्रह किया है कि छत्तीसगढ़ में सवर्ण आयोग का गठन किया जाए।
छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय जी की सरकार द्वारा विभिन्न समाजों को सामाजिक उत्थान की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है, जिसमें छ.ग. के लगभग सभी समाज का प्रतिनिधित्व लोगों के बीच है, सिवाय सवर्ण को छोड़। सवर्ण संघर्ष समिति के संयोजक संदीप तिवारी ने मुख्यमंत्री को एक पत्र के माध्यम से संज्ञान में लाया था कि छत्तीसगढ़ में निवासरत् 08 प्रतिशत से भी ज्यादा सवर्ण लोगों के सामाजिक उत्थान को लेकर सवर्ण आयोग का गठन किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा, सवर्ण समाज हमेशा से सामाजिक, राजनीतिक एवं धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते आ रही है, परन्तु इस वर्ग के लिए किसी आयोग का गठन न होने की वजह से यह समाज अपने आपको उपेक्षित महसूस करता है। इसलिए अब जरूरी हो गया है कि इस तरह के आयोग का गठन करने अविलंब घोषणा होनी चाहिए।
संदीप तिवारी ने विभिन्न निगम मंडलों में नियुक्तियों के साथ ही नवगठित विभिन्न समाज के आयोगों में समाज के लोगों को प्रतिनिधित्व दिए जाने की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा, इस तरह के आयोगों के गठन से निश्चित तौर पर राजनीति में सामाजिक हिस्सेदारी बढ़ेगी। उन्होंने इसी को दृष्टिगत रखते हुए सवर्ण समाज की भावनाओं से मुख्यमंत्री जी को पूर्व में भी अवगत् कराया है और पत्र लिखकर कहा कि अब वो समय आ गया है जब सवर्ण समुदाय के लिए भी आयोग का गठन किया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि ऐसे आयोगों के गठन के बीच अब समय आ गया है कि सवर्ण समाज को भी राजनीति के मुख्य धारा में प्रतिनिधित्व दिए जाने के साथ जोड़ा जाए। छ.ग. में 08 प्रतिशत से भी ज्यादा सवर्ण समाज के लोग राजनीति में अपनी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी निभाते हैं। लोगों की अपेक्षा है कि सवर्ण समाज को भी एक आयोग के रूप में गठित कर महत्वपूर्ण स्थान दिया जाए।
संदीप तिवारी ने आगे कहा, छ.ग. के हर विधानसभा में चाहे वह आरक्षित सीट क्यों न हो, कुछ न कुछ प्रतिशत सवर्णों की उपस्थिति रहती है। ऐसे में यह वर्ग अपने आपको ठगा महसूस करता है जब उन्हें किसी तरह का सामाजिक उत्थान को लेकर राजनैतिक महत्व नहीं मिलता। इसलिए आज सवर्ण समाज के जनमानस के मध्य भी नये आयोग बनाने की मांग उठ रही है। सवर्ण आयोग के गठन से सवर्ण समाज में भी एकजुटता आएगी एवं वर्तमान सरकार के प्रति अन्य समाजों की तरह यह समाज भी लगातार पार्टी हित में कार्य करने तत्पर रहेगी।
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रायपुर (छ.ग.)