पत्नी को पीठ पर लादकर डीएम कार्यालय पहुँचा दिव्यांग फरियादी, मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर
बस्तर की माटी न्यूज़ (BKM NATIONAL NEWS), गरियाबंद।
उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जिले के कुंजी गाँव से मानवता को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है। गाँव का एक दिव्यांग व्यक्ति अपनी पत्नी को पीठ पर लादकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचा। वजह—उनके घर तक जाने के लिए कोई रास्ता ही नहीं है।
दंपत्ति का कहना है कि वे कई बार प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। रोज़मर्रा की परेशानियों से जूझते हुए अंततः मजबूरी में पति ने पत्नी को पीठ पर बैठाकर डीएम दफ्तर का रुख किया।

मामला सोशल मीडिया पर वायरल होते ही खुद जिलाधिकारी हरकत में आए और तत्काल रास्ता बनवाने की कार्रवाई शुरू कराई। हालांकि यह सवाल भी उठ खड़ा हुआ कि जो समस्या गाँव स्तर पर सरपंच या निचले अफसरों द्वारा सुलझाई जा सकती थी, उसके लिए आखिर दिव्यांग दंपत्ति को कलेक्टर तक क्यों पहुँचना पड़ा?
आज़ादी के 79 साल बाद भी यदि नागरिकों को अपनी बुनियादी सुविधाओं के लिए अधिकारियों के सामने इस तरह मजबूर होकर खड़ा होना पड़े, तो यह प्रशासनिक तंत्र पर बड़ा सवाल है। छोटे-छोटे कार्यों के लिए रिश्वत और सिफारिश की मजबूरी आम आदमी के सामने खड़ी है, और कई बार यह पैसे से भी बढ़कर अपमानजनक माँगों तक पहुँच जाती है।

यह घटना सिर्फ एक दिव्यांग दंपत्ति का दर्द नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर करारा तमाचा है जहाँ इंसान को अपनी गरिमा छोड़कर इंसानियत की भीख माँगनी पड़ रही है ।

