पानीगांव में चोरों का ‘ऑपरेशन सफाया’ !
20 दिन में फिर चोरी की बड़ी वारदात, दो घरों को बनाया निशाना… नकदी, सोना-चांदी और यहां तक कि पिगी बैंक भी नहीं छोड़ा
बस्तर के माटी न्यूज़ (BKM NATIONAL NEWS)गरियाबंद
गरियाबंद जिले के अमलीपदर थाना क्षेत्र में लगता है चोरों ने पुलिस को खुली चुनौती दे रखी है। करीब 20 दिन पहले मूड़गेल माल कुईमाल क्षेत्र में चोरी की वारदात हुई थी और अब पानीगांव में चोरों ने एक नहीं, बल्कि तीन घरों को निशाना बनाकर अपनी ‘काबिलियत’ का परिचय दे दिया।

चोरों ने बीके सुंदर,क्षीर सिंधु प्रधान और किशन यादव के घर में धावा बोलकर नकदी, सोने-चांदी के जेवरात सहित लाखों रुपये का सामान पार कर दिया।
सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि चोरों की नजर सिर्फ तिजोरी और जेवर पर नहीं थी… पिगी बैंक भी नहीं छोड़ा गया। यानी चोरों ने यह भी तय कर रखा था कि बच्चे की गुल्लक हो या बड़े की दुकान—कुछ भी सुरक्षित नहीं!

दुकान से दो लाख, एक तोला सोना… और पान-पुड़िया भी!
क्षीर सिंधु प्रधान की दुकान से करीब 2 लाख रुपये नकद, लगभग एक तोला सोना और पिगी बैंक में रखा पैसा भी चोरी होने की बात सामने आई है।
चोरों ने दुकान में रखी पान-पुड़िया और गुटखा तक नहीं छोड़ा। बताया जा रहा है कि चोरी के बाद रास्ते में इनका सेवन करते हुए गांव से बाहर तक जाने के संकेत मिले हैं।

अब यही सामान पुलिस के लिए एक अहम सुराग बन सकता है। आखिर चोर जिस दिशा में गए, वहां उनके पीछे छूटे सामान और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस जांच आगे बढ़ा रही है।
पुलिस की गश्त… लेकिन गश्ती वाहन खराब!
अब सवाल पुलिस की व्यवस्था पर भी है। ग्रामीणों के मुताबिक क्षेत्र में गश्त करने वाला पुलिस वाहन पिछले करीब एक महीने से खराब है। ऐसे में पुलिसकर्मियों को निजी वाहनों से गश्त करनी पड़ रही है।
हालांकि 112 वाहन अपनी ड्यूटी कर रहा है, लेकिन सवाल यही है कि अगर चोर 112 की नजर से बचकर वारदात कर जाएं, तो फिर गांव की सुरक्षा का ‘सिस्टम’ आखिर किसके भरोसे है?
चोरों के पास अपनी रणनीति है, पुलिस के पास 112 है… लेकिन दोनों की मुलाकात अभी तक नहीं हो पाई है!
चोरी की फेहरिस्त बढ़ती जा रही है
अमलीपदर थाना क्षेत्र में यह कोई पहली चोरी नहीं है। इससे पहले मूड़गेल माल, कुईमाल और कोड़ोबाटा क्षेत्र में भी चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कहीं घरों को निशाना बनाया गया तो कहीं मोटर पंप तक चोरी कर लिए गए।
अब पानीगांव की वारदात ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि लगातार चोरी की घटनाओं के बावजूद अब तक चोर पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। ऐसे में ग्रामीणों की मांग है कि क्षेत्र में पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए और गांवों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए।
ओडिशा बॉर्डर… इसलिए पुलिस जांच का एक एंगल वहां भी
अमलीपदर क्षेत्र ओडिशा सीमा के नजदीक है। पुलिस चोरी की घटनाओं की जांच में इस एंगल को भी देख रही है कि कहीं बाहरी गिरोह तो वारदातों में शामिल नहीं है।
पुलिस द्वारा क्षेत्र में आने वाले बाहरी लोगों और फेरीवालों की जानकारी, पहचान पत्र और अन्य विवरण जुटाने की प्रक्रिया भी की जा रही है।
हालांकि अभी तक ओडिशा से आए चोरों का हाथ होने की पुष्टि नहीं हुई है। यह सिर्फ जांच का एक संभावित एंगल है।
मौके पर पुलिस पहुंचकर जांच में जुटी हुई है और अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
पानीगांव के घरों में चोरों ने सेंध लगा दी… क्या अब पुलिस इन चोरों तक पहुंच पाएगी?
क्योंकि अगर चोरी की वारदातें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो ग्रामीणों को अपने घरों के दरवाजे से ज्यादा अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर ताला लगाने की चिंता सताने लगेगी।

