झीरम कांड पर कांग्रेस का बड़ा हमला: NIA जांच पर उठाए सवाल, कहा—राजनीतिक दबाव में हुई जांच- विक्रम मंडावी
रायपुर/बीजापुर :- झीरम घाटी मामले में आए न्यायिक फैसले के बाद कांग्रेस ने केंद्र और भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जांच राजनीतिक दबाव में एक तय दिशा में आगे बढ़ाई गई।
कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी का कहना है कि झीरम घाटी जैसी गंभीर घटना में आज भी कई सवाल अनुत्तरित हैं। पार्टी ने पूछा कि जिन लोगों के नाम नक्सली गतिविधियों से जुड़े बताए गए, उनसे झीरम कांड के संबंध में विस्तृत पूछताछ हुई या नहीं? घटना के समय मौके पर मौजूद रहे लोगों, घायलों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ का क्या निष्कर्ष निकला, इसका खुलासा भी किया जाना चाहिए।

कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि झीरम हमले के बाद जिन बड़े नक्सली नेताओं ने आत्मसमर्पण किया और जिनके बारे में सरकार की ओर से झीरम हमले में शामिल होने के दावे किए गए थे, उनसे NIA ने पूछताछ की या नहीं। यदि पूछताछ हुई तो कब और किस स्तर पर हुई, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
पार्टी ने जांच के राजनीतिक एंगल को लेकर भी सवाल खड़े किए। कांग्रेस का आरोप है कि झीरम मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और परिवर्तन यात्रा से जुड़े घटनाक्रम की सभी कड़ियों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई।
कांग्रेस ने दावा किया कि कुछ ऐसे नाम, जिनका उल्लेख पहले जांच या राजनीतिक चर्चाओं में किया जाता रहा, बाद में FIR अथवा जांच के दायरे से बाहर हो गए। पार्टी ने मांग की कि ऐसे नामों को हटाने के पीछे क्या कारण थे और क्या किसी राजनीतिक दबाव में ऐसा किया गया, इसका स्पष्ट जवाब सरकार और जांच एजेंसी को देना चाहिए।
कांग्रेस ने कहा कि झीरम घाटी में कांग्रेस नेताओं के साथ-साथ सुरक्षा बलों के जवान भी शहीद हुए थे। इसलिए यह केवल राजनीतिक मामला नहीं, बल्कि शहीदों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने का सवाल है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में झीरम कांड की सच्चाई सामने लाना चाहती है, तो जांच से जुड़े सभी सवालों का पारदर्शी तरीके से जवाब देना चाहिए। पार्टी ने NIA की जांच और अदालत के फैसले पर निराशा जताते हुए कहा कि झीरम कांड के शहीदों को न्याय दिलाने की लड़ाई कांग्रेस आगे भी जारी रखेगी।
कांग्रेस ने मांग की है कि झीरम घाटी कांड से जुड़े सभी अनुत्तरित सवालों का तथ्यात्मक और निष्पक्ष जवाब सार्वजनिक किया जाए।

