कर्रेगुट्टा पहाड़ के समीप दिनांक 12 अक्टूबर 2025 को नवीन सुरक्षा कैंप ताड़पाला बेस की स्थापना
बीजापुर
बस्तर के माटी समाचार
* बीजापुर पुलिस सुरक्षा, विश्वास और विकास की दिशा में अग्रसर।*
* नक्सल प्रभावित क्षेत्र में विकास की नई पहल:- जिला बीजापुर के सुदूरवर्ती दक्षिण क्षेत्र में कर्रेगुट्टा पहाड़ के समीप दिनांक 12 अक्टूबर 2025 को नवीन सुरक्षा कैंप ताड़पाला बेस की स्थापना की गई। यह पहल छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना “नियद नेल्ला नार” के अंतर्गत ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं एवं सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।*
* नक्सली गतिविधियों की निगरानी और नियंत्रण :-*
कर्रेगुटटा हिल्स में माओवादियों की उपस्थिति की आसूचना एवं माओवादियों की गतिविधियों पर नजर रखने एवं प्रभावी कार्यवाही हेतु नवीन बेस कैम्प ताड़पाला की स्थापना की गई है। यह बेस कैंप माओवादियों के विरुद्ध ऑपरेशन लॉन्चिंग पॉइंट के रूप में काम करेगा।
*फोर्स का दबाव और ऑपरेशनल पकड़ :-*
बेस कैंप बनने से सुरक्षा बलों की नियमित गश्त, एरिया डॉमिनेशन और पेट्रोलिंग बढ़ेगी। नक्सलियों की आवाजाही पर सतत निगरानी रखी जावेगी एवं प्रभावी कार्यवाही संभव होगा।
* नक्सलियों के नेटवर्क का विघटन:-*
स्थानीय “जनताना सरकार”, “मिलिशिया नेटवर्क” जैसे ढांचे की सक्रियता पर रोक लगेगी। सूचना तंत्र मज़बूत होने से संपर्क बिंदु व लॉजिस्टिक रूट्स की पहचान कर कार्यवाही करना आसान होगा।
*ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना, पुलिस–जन संवाद में सुधार :-*
बेस कैंप के माध्यम से स्वास्थ्य शिविर, खेल प्रतियोगिता, स्कूल सुधार, सौर लाइट, पानी की व्यवस्था जैसे जनसंपर्क कार्यक्रम नियमित रूप से चलाए जा सकेंगे। इससे पुलिस-जनता के बीच विश्वास की दूरी घटेगी।
* नक्सली भर्ती पर रोक:-*
ग्रामीण युवाओं को नक्सल संगठन में भर्ती करने के प्रयासों पर रोक लगेगी। ग्रामीण युवा भय एवं दबाव में संगठन में शामिल होते है, कैम्प की स्थापना से सुरक्षा की भावना बढ़ेगी, माओवादियों का दबाव कम होगा। कैंप के आसपास रोजगार, सड़क निर्माण, और जनसेवा कार्य बढ़ने से नक्सलियों का प्रभाव स्वतः कम होगा।
*प्राकृतिक चुनौतियों के बीच साहसिक कार्य:-*
विपरीत मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प एवं उत्कृष्ट समन्वय का परिचय देते हुए इस कैम्प की स्थापना की।
यह कदम न केवल सुरक्षा की दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्रीय विकास की गति को भी सशक्त करेगा।
* सुरक्षा और विकास का समन्वय:-*
सुरक्षा कैम्प के माध्यम से स्थानीय नागरिकों को अब स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, राशन वितरण , मोबाइल नेटवर्क और अन्य जन-सुविधाएं प्राप्त होंगी। साथ ही, क्षेत्र में सुरक्षा की उपस्थिति से माओवादी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित होगा।
* नक्सल उन्मूलन में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ:-*
वर्ष 2024 से अब तक बीजापुर जिले में कुल 38 सुरक्षा कैम्प स्थापित किए गए हैं। इन अभियानों के परिणामस्वरूप —
• 599 माओवादी आत्मसमर्पण
• 196 माओवादी मुठभेड़ में मारे गए तथा
• 973 माओवादी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
प्रशासनिक नेतृत्व एवं सहयोग:-
इस अभियान को सफल बनाने में श्री सुन्दरराज पी. (पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज), श्री शालिन (महानिरीक्षक, केरिपु ऑप्स, CG सेक्टर रायपुर ), श्री कमलोचन कश्यप (उप पुलिस महानिरीक्षक, दंतेवाड़ा रेंज), श्री बी.एस. नेगी (उप महानिरीक्षक, केरिपु रेंज बीजापुर), डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव (पुलिस अधीक्षक, बीजापुर), कमांडेंट केरिपु 153 बटालियन श्री अमित कुमार, कमाण्डेन्ट केरिपु 229 बटालियन श्री बृजेश कुमार, कमाण्डेन्ट केरिपु 196 बटालियन श्री कुमार मनीष, श्री पुष्पेन्द्र कुमार कमांडेंट कोबरा 206 बटालियन, श्री नरेश पवार कमांडेंट कोबरा 205 बटालियन, श्री अमन कुमार झा अति0 पुलिस अधीक्षक ऑप्स बीजापुर, श्री रविन्द्र कुमार मीणा अति0 पुलिस अधीक्षक ऑप्स बीजापुर, अति0पुलिस अधीक्षक श्री संजय ध्रुव, श्री कुलदीप सिंह डीसी ऑप्स केरिपु बीजापुर, श्री तिलेश्वर यादव, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस आवापल्ली, डीआरजी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण सराहनीय रहा।

