“RTI में शुल्क जमा, फिर भी जानकारी गायब! बीजापुर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल”
बीजापुर बस्तर के माटी समाचार
जिले में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगी गई जानकारी को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। आवेदनकर्ता द्वारा निर्धारित शुल्क जमा करने के बावजूद समय पर सूचना उपलब्ध नहीं कराए जाने का मामला सामने आया है।
📄 RTI आवेदन और शुल्क जमा करने के बाद भी नहीं मिली जानकारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार—
आवेदक रंजीत सिंह ने 16 फरवरी 2026 को ऑनलाइन RTI आवेदन प्रस्तुत किया
13 मार्च 2026 को जिला पंचायत बीजापुर के सहायक जनसूचना अधिकारी ने पत्र जारी कर अतिरिक्त शुल्क जमा करने को कहा
पत्र में प्रति पृष्ठ ₹2 शुल्क निर्धारित किया गया
💳 शुल्क भुगतान का पूरा विवरण
आवेदक ने 23 मार्च 2026 को ऑनलाइन भुगतान कर दिया—
Payment ID: 9920260304573
Payment Category: Additional Fee RTI
राशि: ₹2
स्टेटस: Paid
इसके बावजूद अब तक संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
⏳ प्रशासनिक प्रक्रिया पर उठे सवाल
आवेदक का कहना है कि—
शुल्क जमा होने के बाद भी सूचना नहीं देना RTI नियमों का उल्लंघन है
इससे प्रशासन की धीमी और लापरवाह कार्यप्रणाली उजागर होती है

⚖️ RTI का उद्देश्य और वर्तमान स्थिति
सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 का मुख्य उद्देश्य है—
शासन में पारदर्शिता लाना
अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना
लेकिन इस मामले में निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं होने से व्यवस्था पर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
❗ आवेदक की मांग
मांगी गई जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाए
RTI प्रक्रिया का समयबद्ध पालन सुनिश्चित हो
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए
बीजापुर में RTI से जुड़ा यह मामला प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बनता जा रहा है। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे मूल उद्देश्यों पर गंभीर असर पड़ सकता है।

