सूचना के अधिकार की आड़ में उगाही!
बीजापुर में आश्रम-छात्रावास और स्वास्थ्य विभाग को बनाया जा रहा निशाना, पत्रकारों ने खोला मोर्चा
बीजापुर बस्तर के माटी समाचार
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) की आड़ में कथित उगाही का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। जिले के आदिवासी विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग में राजधानी रायपुर से बड़ी संख्या में लगाए जा रहे सूचना के अधिकार आवेदन चर्चा का विषय बने हुए हैं। आरोप है कि कुछ लोग सूचना मांगने के नाम पर विभागीय अधिकारियों एवं आश्रम-छात्रावास अधीक्षकों पर दबाव बनाकर पैसों की मांग कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार बीजापुर जिले में संचालित आश्रम-छात्रावासों की संख्या अधिक होने के कारण आदिवासी विकास विभाग को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो कई मामलों में सूचना आवेदन लगाने के बाद संबंधित अधीक्षकों से कथित रूप से समझौते और पैसों की मांग किए जाने की बातें सामने आ रही हैं। यही स्थिति स्वास्थ्य विभाग में भी देखने को मिल रही है, जहां सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत आवेदनों की भरमार है।

स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि सूचना का अधिकार अधिनियम आम जनता को पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए दिया गया एक महत्वपूर्ण कानूनी अधिकार है, लेकिन कुछ लोग इसे भय और दबाव का माध्यम बनाकर उसकी गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं। बीजापुर जिले के पत्रकारों ने ऐसे कथित उगाही करने वालों के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी शुरू कर दी है।
पत्रकारों का कहना है कि यदि सूचना मांगना जनहित में है तो उसका स्वागत होना चाहिए, लेकिन यदि सूचना के नाम पर अधिकारियों और कर्मचारियों को डराकर आर्थिक लाभ लेने का प्रयास किया जा रहा है, तो यह न केवल कानून का दुरुपयोग है बल्कि पत्रकारिता की साख को भी नुकसान पहुंचाने वाला कृत्य है।
अब देखना यह होगा कि राजधानी रायपुर से सूचना के अधिकार की आड़ में कथित उगाही करने वाले लोगों के खिलाफ प्रशासन और संबंधित विभाग क्या कदम उठाते हैं। वहीं जिले में इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

