तेन्दूपत्ता संग्राहकों को भुगतान प्रारंभ, एक दिन में 12 करोड़ रुपये खातों में हस्तांतरित
40 हजार से अधिक संग्राहकों को मिलेगा 35.99 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक
बीजापुर | बस्तर के माटी | 01 जून 2026
तेन्दूपत्ता संग्रहण सीजन 2026 के अंतर्गत बीजापुर जिले के तेन्दूपत्ता संग्राहकों के लिए राहत भरी खबर है। शासन द्वारा संग्राहकों को पारिश्रमिक भुगतान की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। प्रथम चरण में एक ही दिन में 12 हजार 379 संग्राहकों के बैंक खातों में 12 करोड़ रुपये की राशि ऑनलाइन हस्तांतरित की गई है।
जानकारी के अनुसार जिले की 28 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के 45 लॉटों में 40 हजार 716 संग्राहकों द्वारा कुल 65,430.359 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है। शासन द्वारा निर्धारित 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से संग्राहकों को कुल 35.99 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक भुगतान किया जाना है।
प्रथम चरण के भुगतान में प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति गुडमा के 1,912 संग्राहकों को 1.95 करोड़ रुपये, कुटरू के 937 संग्राहकों को 1.29 करोड़ रुपये, तोयनार के 961 संग्राहकों को 1.20 करोड़ रुपये तथा बरदेला के 1,023 संग्राहकों को 1.11 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा की गई है।
इसके अलावा संतोषपुर, भैरमगढ़, माटवाड़ा, कोडोली, नैमेड़, भद्रकाली एवं चेरपल्ली समितियों के संग्राहकों के खातों में भी लाखों रुपये की राशि ऑनलाइन ट्रांसफर की गई है। शेष समितियों में संग्रहित तेन्दूपत्ता की मात्रा का ऑनलाइन सत्यापन एवं डाटा प्रविष्टि कार्य जारी है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी संग्राहकों को पारिश्रमिक राशि ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान की जाएगी, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
गौरतलब है कि तेन्दूपत्ता बिक्री से प्राप्त आय आदिवासी एवं ग्रामीण परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है। संग्राहक इस राशि का उपयोग खेती-किसानी, घरेलू जरूरतों तथा अन्य आर्थिक गतिविधियों में करते हैं। मानसून पूर्व भुगतान मिलने से किसानों और संग्राहकों को खरीफ फसल की तैयारी में विशेष राहत मिलेगी।
जिले के हजारों तेन्दूपत्ता संग्राहकों के लिए यह भुगतान आर्थिक संबल साबित होगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।

