एसडीओपी कार्यालय किरंदुल के रीडर हरि सिंहा के कार्यकाल एवं कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जाँच की माँग
दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़)।
राकेश कुमार कुंजाम
कुआकोडा बस्तर के माटी समाचार/ जिला दंतेवाड़ा कुआकोडा सरपंच संघ के अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य सोमरु कडती क्षेत्र क्रमांक 8 और कुआकोडा ब्लॉक के एनएमडीसी लाल पानी पीड़ित पंचायत के सरपंचों द्वारा एसडीओपी कार्यालय, किरंदुल में पदस्थ रीडर श्री हरि सिंहा के लंबे समय से एक ही कार्यालय में पदस्थ रहने, कथित अमर्यादित व्यवहार तथा वाहनों के उपयोग से संबंधित संभावित आर्थिक अनियमितताओं को लेकर निष्पक्ष जाँच की माँग उठाई गई है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक, जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा को ज्ञापन सौंपकर मामले की गंभीरता से जाँच कराने का अनुरोध किया गया है।
ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे निम्नलिखित हैं—
1. लंबे समय से एक ही कार्यालय में पदस्थ रहने का मामला
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि एसडीओपी कार्यालय, किरंदुल में पदस्थ रीडर श्री हरि सिंहा लंबे समय से उसी कार्यालय में कार्यरत हैं। आरोप है कि अन्य थानों अथवा कार्यालयों में स्थानांतरण आदेश जारी होने के बावजूद उनका पुनः उसी कार्यालय में पदस्थ हो जाना प्रशासनिक पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के संबंध में सवाल खड़े करता है। इस पूरे मामले की विभागीय स्तर पर जाँच किए जाने की माँग की गई है।

2. जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों के साथ कथित अमर्यादित व्यवहार
ज्ञापन के अनुसार, संबंधित अधिकारी पर क्षेत्र के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों के साथ कथित तौर पर धमकी भरी तथा अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के आरोप लगाए गए हैं। इस प्रकार के व्यवहार से जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय समाज में असंतोष उत्पन्न होने की बात कही गई है। मामले की वास्तविकता सामने लाने के लिए संबंधित व्यक्तियों के बयान लेकर निष्पक्ष जाँच कराने की माँग की गई है।
3. एनएमडीसी से संबंधित वाहनों के उपयोग में संभावित आर्थिक अनियमितताओं की जाँच
ज्ञापन में एनएमडीसी द्वारा थाना एवं एसडीओपी कार्यालय के उपयोग हेतु उपलब्ध कराए जाने वाले वाहनों के संबंध में भी जाँच की माँग की गई है। आरोपों के अनुसार, वाहन क्रमांक CG 18 Q 0954, जो कथित रूप से श्री तरुण सिंहा के नाम पर तथा वाहन क्रमांक CG 18 Q 3831, जो कथित रूप से श्रीमती आरती सिंहा के नाम पर बताया गया है, के माध्यम से किराये पर वाहन उपलब्ध कराने और आर्थिक लाभ अर्जित किए जाने की आशंका जताई गई है।
इन आरोपों की पुष्टि के लिए वाहन स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों, किराया अनुबंधों, भुगतान अभिलेखों तथा संबंधित विभागीय रिकॉर्ड की जाँच किए जाने की माँग की गई है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
4. पुलिस प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता
ज्ञापन में कहा गया है कि बस्तर क्षेत्र की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों ने समय-समय पर पुलिस प्रशासन को सहयोग प्रदान किया है। क्षेत्रीय समस्याओं के निराकरण के लिए आयोजित हड़ताल को भी जनसमस्याओं से जुड़ा विषय बताया गया है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों के संबंध में कथित टिप्पणियों से पुलिस-जनता के बीच आपसी विश्वास एवं समन्वय प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की गई है।
निष्पक्ष जाँच एवं उचित कार्रवाई की माँग
ज्ञापन के माध्यम से पुलिस अधीक्षक, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा से माँग की गई है कि—
1. पूरे मामले की जाँच किसी वरिष्ठ एवं निष्पक्ष अधिकारी से कराई जाए।
2. जाँच के दौरान संबंधित अभिलेखों, वाहन अनुबंधों, भुगतान विवरणों तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण किया जाए।
3. जाँच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आवश्यक समझे जाने पर संबंधित कर्मचारी को वर्तमान कार्यालय से अन्यत्र पदस्थ किया जाए।
4. जाँच में आरोप प्रमाणित होने पर नियमानुसार उचित विभागीय एवं वैधानिक कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन प्रस्तुत करने वालों ने आशा व्यक्त की है कि पुलिस प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करेगा, जिससे वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो तथा पुलिस प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समाज के बीच विश्वास एवं समन्वय बना रहे।
उपरोक्त बिंदु ज्ञापन में लगाए गए आरोपों एवं जाँच की माँग पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना शेष है।

