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मेलों की रौनक में छुपा ‘खुडखुड़ी सट्टा” का गोरखधंधा

आयोजन समितियों की मिलीभगत से चल रहा खुडखुड़ी सट्टा कारोबार, अमलीपदर पुलिस की कार्रवाई से खुली सच्चाई

– बस्तर के माटी (BKM) न्यूज़, अमलीपदर

दिनांक – 19 मई 2025 ,अमलीपदर क्षेत्र में मेलों और पारंपरिक आयोजनों की आड़ में चल रहे अवैध खुडखुड़ी सट्टा रैकेट पर पुलिस ने करारी चोट की है। वर्षों से धार्मिक सांस्कृतिक आयोजनों और क्रिकेट टूर्नामेंट की आड़ में यह जुआ कारोबार फल-फूल रहा था, जिसकी चपेट में खासकर युवाओं की एक बड़ी संख्या आ चुकी है।

पुलिस ने भेजीपदर गांव में चल रहे मड़ाई मेला में दबिश देकर एक खुडखुड़ी सट्टा संचालक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी रॉएबारू बाग (39 वर्ष), जामपानी (थाना सीनापाली, उड़ीसा) का निवासी है। आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 37/2025 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।

नकद में हजारों की डील… लगभग,क्षेत्रों के सभी धार्मिक और खेल आयोजनों में लाखों की सट्टा सेटिंग!

सूत्रों के अनुसार, इस सट्टा नेटवर्क का जाल स्थानीय आयोजन समितियों तक फैला हुआ है। बताया जा रहा है कि ‘खुडखुडी’ सट्टा खेलाने वाले क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजकों को नकद या पुरस्कार राशि देकर आयोजन स्थल पर सट्टा संचालन की अनुमति हासिल करते हैं। कुछ धार्मिक आयोजनों में यह राशि एक लाख रुपये तक पहुँचती है।

धार्मिक आयोजन या सट्टा का अड्डा ?

इस गोरखधंधे पर एसपी निखिल राखेचा ने सख्त रुख अपनाते हुए जिले के सभी थाना प्रभारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अमलीपदर थाना प्रभारी फैजूल शाह के नेतृत्व में की गई कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि पुलिस अब सट्टा कारोबार के खिलाफ मोर्चा खोल चुकी है।

पुलिस का कहना है कि यह केवल शुरुआत है। क्षेत्र में अभी भी कई स्थानों पर सट्टा संचालन की सूचना है और सभी संदिग्ध स्थानों पर निगरानी रखी जा रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले खैरमाल मड़ाई मेला के दौरान और धुर्वागुड़ी में एक एक आरोपी को इसी तरह की गतिविधियों में लिप्त पाया गया था जिन्हें जेल का हवा खाना पड़ा । फिलहाल क्षेत्र के सात स्थानों पर सट्टापट्टी लिखने और सट्टा कारोबार की सूचना है, जिनमें से दो जगहों पर ग्रामवासियों ने खुद हस्तक्षेप कर इसे बंद करवा दिया है। लेकिन पांच जगह पर इस अवैध खेल अभी भी जारी है ।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस कार्रवाई से उन्हें बड़ी राहत मिली है। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि इस अभियान को लगातार जारी रखा जाए और क्षेत्र को सट्टा मुक्त बनाया जाए। अब जनता यह भी बोल रही –

“सट्टेबाजों पर लगे ताला, वापस मिले मेला का उजाला ! “

प्रशासन ने कहा – “अवैध गतिविधियों में शामिल कोई नहीं बख्शा जाएगा!”

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