अस्पताल में मैरिज 100 प्लस _ डॉक्टर जीरो।
डॉक्टर संकट को लेकर जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य मंत्री से की मुलाकात । जल्द मिलेगा एक्सरे मशीन
बस्तर के माटी न्यूज़ (BKM NATIONAL NEWS),गरियाबंद
कहते हैं कि इलाज अस्पताल में मिलता है, लेकिन अमलीपदर के सरकारी अस्पताल में इन दिनों मरीजों को इलाज से ज्यादा “डॉक्टर की तलाश” करनी पड़ रही है। हालत ऐसी है कि अस्पताल की इमारत तो है, लेकिन डॉक्टर नदारद हैं। ऐसे में स्थानीय जनप्रतिनिधि इलाज के लिए नहीं, बल्कि डॉक्टर की मांग लेकर सीधे राजधानी में स्वास्थ्य मंत्री के दरबार तक पहुंचना पड़ा।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं जनपद सदस्य निर्भय सिंह ठाकुर, अमलीपदर की सरपंच हेमो बाई नागेश, जिला पंचायत सदस्य नेहा सिंघल और भाजपा युवा नेता मुकेश कुमार साहू ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर अमलीपदर अस्पताल की बदहाल स्थिति से अवगत कराया।

निर्भय सिंह ठाकुर ने अपने लेटर पैड पर लिखित मांग सौंपते हुए बताया कि अमलीपदर आदिवासी क्षेत्र होने के साथ-साथ ओडिशा सीमा से लगा इलाका है। यहां छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि ओडिशा से भी मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। लेकिन विडंबना देखिए कि जिस अस्पताल में मरीजों की भीड़ है, वहां डॉक्टर का पद ही खाली पड़ा है।

उन्होंने यह भी बताया कि सामान्य एक्स-रे जैसी जांच के लिए लोगों को 30 से 40 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। ऐसे में अस्पताल में एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराना भी बेहद जरूरी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि जल्द ही डॉक्टर की नियुक्ति और एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या अमलीपदर के मरीजों को डॉक्टर देखने के लिए हर बार नेताओं को राजधानी भेजना पड़ेगा? या फिर इस बार आश्वासन सचमुच हकीकत बनेगा? क्योंकि क्षेत्र की जनता वर्षों से यही सुनती आई है—”जल्द होगा… जल्द मिलेगा…“, लेकिन अस्पताल में डॉक्टर आज भी इंतजार का दूसरा नाम बना हुआ है।

