अमलीपदर में अधूरा पुल बना परेशानी का सबब, मुख्यमंत्री से पूर्ण कराने की मांग
बस्तर की माटी न्यूज़,(गरियाबंद)
अमलीपदर ग्राम पंचायत के सूखा नाला में अधूरे पुल निर्माण को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से पुल निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने की मांग की है।
गौरतलब है कि वर्ष 2021–2022 में सुखा तेल नदी पर MG एसोसिएट्स के माध्यम से करीब 7 करोड़ 40 लाख रुपए की लागत से पुल निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ था। विभाग की ओर से लगभग 21 प्रतिशत भुगतान भी कर दिया गया, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के चलते अब तक एक भी खंभा खड़ा नहीं हो पाया। इसके बाद कंपनी को ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया।

विभाग द्वारा इस पुल के लिए दो से तीन बार रेट एंड ड्राइविंग प्रक्रिया भी की गई, लेकिन उचित दर तय न होने और टेंडर ओपन न होने के कारण कार्य आगे नहीं बढ़ सका। अब यह प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में बताई जा रही है।
अधूरे पुल के कारण ग्रामीणों को आए दिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अमलीपदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हर माह 40–50 प्रसव और रोज़ाना लगभग 300 मरीजों का इलाज होता है, लेकिन पुल अधूरा होने से मरीजों को आना-जाना मुश्किल हो रहा है।

तहसील कार्यालय, ग्रामीण बैंक, बाज़ार और हाईस्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को भी नदी पार करनी पड़ती है।
बरसात के दिनों में नाला उफान पर आ जाता है जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।

इस संदर्भ में मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन के दौरान जिला पंचायत सदस्य नेहा सिंगल, अमलीपदर पंचायत के सरपंच हेमो नागेश, जनपद सदस्य निर्भय सिंह ठाकुर, समाजसेवी चिराग ठाकुर, भाजपा युवा नेता मुकेश साहू सहित कई वरिष्ठ जन उपस्थित रहे।
जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस अधूरे पुल निर्माण को शीघ्र पूर्ण कराने की दिशा में ठोस कार्रवाई की जाए ताकि अमलीपदर और आसपास के ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही परेशानी समाप्त हो सके।

