बीजापुर में शिक्षा के नाम पर खेल, निर्माण घोटाले का आरोप, शिक्षक की मौत से मचा हड़कंप
बीजापुर बस्तर के माटी समाचार
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। स्कूल निर्माण और मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोप लगे हैं, वहीं एक शिक्षक की संदिग्ध मौत ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
बीजापुर में ‘ज्ञानलेवा सिस्टम’ के तहत चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप है। कागजी समितियों के सहारे करोड़ों रुपये के काम स्वीकृत किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
बताया जा रहा है कि करीब 34 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों में घोटाले की आशंका जताई जा रही है। कई जगहों पर स्कूल भवन अधूरे हैं, तो कहीं घटिया निर्माण देखने को मिल रहा है।
स्थानीय शिक्षकों का आरोप है कि उनसे पढ़ाई के अलावा निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी भी ली जा रही थी। साथ ही भुगतान निकालने के लिए दबाव बनाया जाता था। शिक्षकों का कहना है—“हम शिक्षक हैं, इंजीनियर नहीं”, लेकिन इसके बावजूद उन पर जिम्मेदारी डाली गई।
इसी दबाव और मानसिक तनाव के चलते एक शिक्षक की मौत का मामला सामने आया है, जिसने पूरे जिले में आक्रोश पैदा कर दिया है। परिजन और समाज के लोग इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
“शिक्षकों पर जबरन निर्माण कार्य का दबाव बनाया गया, भुगतान के लिए परेशान किया गया, इसी वजह से यह घटना हुई है।” संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
जानकारी के मुताबिक जिले में 950 से ज्यादा स्कूल प्रबंधन समितियां सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। लेकिन निगरानी की कमी और पारदर्शिता के अभाव में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलने के आरोप लग रहे हैं।
मामले को लेकर अब जांच की मांग तेज हो गई है। सवाल उठ रहा है कि आखिर इस पूरे मामले में जिम्मेदार कौन है और कार्रवाई कब होगी।
बीजापुर में शिक्षा के नाम पर हो रहे इस कथित ‘खेल’ ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाते हैं।

