12 दिवसीय सरस्वती पुष्करलु (सरस्वती पुष्करलु-कुंभ) मंदिरों के शहर कालेश्वरम में शुरू
महेश एरोला
भोपालपटनम बस्तर के माटी समाचार छत्तीसगढ़ सीमावर्ती राज्य तेलंगाना में, 15 मई से 12 दिवसीय सरस्वती पुष्करलु (सरस्वती पुष्करलु-कुंभ) मंदिरों के शहर कालेश्वरम में शुरू हो गया, जो जयशंकर भूपालपल्ली (जयशंकर भूपालपल्ली) जिले में श्री कालेश्वर श्री मुक्तेश्वर स्वामी मंदिर का निवास स्थान है। 12 साल में एक बार होने वाला यह विशाल धार्मिक उत्सव भूमिगत सरस्वती नदी की पूजा के लिए समर्पित है, जो कालेश्वरम में ‘त्रिवेणी संगमम’ (त्रिवेणी संगमम) नामक संगम बिंदु पर गोदावरी (गोदावरी) और प्राणहिता के साथ मिलती है। पुष्करलु के अनुष्ठान महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले की सीमा से लगे शहर सिरोंचा ,कालेश्वरम में गणपति पूजा के साथ शुरू हो गए हैं। तेलंगाना राज्य के उद्योग मंत्री डी श्रीधर बाबू ने अनुष्ठान शुरू करने के लिए पवित्र डुबकी लगाई।

सूत्रों का कहना है कि इस अवसर के अनुरूप पूरे मंदिर शहर को सजाया गया है और ऐतिहासिक तीर्थस्थल के विशाल स्नान घाटों के किनारे तंबुओं का शहर बनाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि 12 दिवसीय इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के वाराणसी में प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर के पंडितों द्वारा हरथी नदी का अभिषेक किया जाएगा और कई भक्ति कार्यक्रम आयोजित

