अपडेटेड मशीन ने बढ़ाई परेशानी: लगभग 350 हितग्राही राशन से वंचित
बस्तर के माटी न्यूज़ (BKM),गरियाबंद
बरसात के इस संवेदनशील मौसम में जब सरकार ने गरीबों को समय पर राशन देने की मंशा जताई, तब हिंदी ब्रदर की उचित मूल्य की दुकान पर असलियत कुछ और ही दिख रही है। यहां अब तक करीब 350 हितग्राही राशन से वंचित हैं। कारण है – नई अपडेटेड मशीन, जो फिंगरप्रिंट सत्यापन में जरूरत से ज्यादा समय ले रही है।
अमलीपदर की दुकान पर भीड़ असामान्य रूप से बढ़ गई है। एक-एक हितग्राही को राशन देने में करीब 20 से 25 मिनट का समय लग रहा है। मशीन से 6-7 बार अंगुली लगवाने के बावजूद जब मिलान नहीं हो पा रहा, तब जाकर राशन मिल रहा है। ऐसे में पूरे दिन में केवल 20 से 25 हितग्राहियों को ही राशन वितरित किया जा पा रहा है। यह हाल सिर्फ अमली पदर के ही नहीं बल्कि पूरे गरियाबंद जिले का है जहां हर राशन दुकान में इतने ही भीड़ उमड़ते हैं और लोगों को राशन लेने में तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है ।
स्थानीय हितग्राही_ उत्तम कुमार तिवारी कहते है_
“हम सुबह 8 बजे से लाइन में हैं, लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया। मशीन में टाइम बहुत लग रहा है। बार-बार फिंगर लगवाना पड रहा है ।
30 जून राशन वितरण की अंतिम तिथि तय की गई थी। लेकिन अब तक 350 हितग्राही वंचित हैं, और ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या ये लोग इस बार राशन से हाथ धो बैठेंगे?

“राज्य सरकार ने केंद्र से वितरण की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी हितग्राही राशन से वंचित न रहे।”
खाद्य निरीक्षक सुधीर गुरु
नई तकनीक से भले ही पारदर्शिता बढ़ी हो, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की दिक्कत और मशीन की जटिलता से आमजन त्रस्त हैं। अब देखना ये है कि सरकार इस संकट का हल कब और कैसे निकालती है।
तो सवाल यही है — तकनीक कब राहत देगी, और कब राह बनाकर हर हितग्राही तक समय पर राशन पहुंचेगा ?

