बल्ला चला, भीड़ झूमी… और अंपायर ने तो मानो स्टेज ही संभाल लिया!
बस्तर की माटी न्यूज़(BKM NATIONAL NEWS),गरयाबंद
अमलीपदर के पगड़ी पटेल स्टेडियम में इस बार क्रिकेट प्रतियोगिता का फाइनल ऐसा रहा, जिसमें खिलाड़ियों ने रन बनाए जरूर, लेकिन असली शो तो अंपायर और कमेंटेटर ही चुरा ले गए। स्वर्गीय पुरुषोत्तम मरकाम और स्वर्गीय नीरज सिंह ठाकुर की स्मृति में आयोजित इस प्रतियोगिता का समापन इस अंदाज में हुआ कि दर्शक मैच देखने आए थे, लेकिन लौटे “फुल एंटरटेनमेंट पैकेज” लेकर।
कुर्लापारा क्रिकेट क्लब द्वारा आयोजित इस सीजन-8 (2026) के फाइनल में अनकाबेड़ा (उड़ीसा) और 11 स्टार अमलीपदर के बीच मुकाबला हुआ। अनकाबेड़ा की टीम ने 117 रन बनाकर ऐसा लक्ष्य खड़ा किया, मानो विपक्षी टीम को खुला चैलेंज दे दिया हो—“हिम्मत है तो पार करो!”

लेकिन 11 स्टार अमलीपदर ने भी जवाब में ऐसा खेल दिखाया कि गेंदबाजों को समझ नहीं आया—गेंद डालें या बल्लेबाजों से ऑटोग्राफ लें। टीम ने 9.2 ओवर में 118 रन बनाकर चार गेंद पहले ही मैच खत्म कर दिया और साबित कर दिया कि अमलीपदर में “स्टार” सिर्फ आसमान में नहीं, मैदान में भी चमकते हैं।

अंपायर या डांसर? आदित्य कश्यप ने फैसलों से ज्यादा स्टेप्स से जीता दिल

मैच का सबसे बड़ा आकर्षण रहे डांसिंग अंपायर आदित्य कश्यप, जिनके हर फैसले में नियम कम और रिदम ज्यादा नजर आया। चौका लगते ही उनका स्टेप ऐसा होता कि दर्शक समझ नहीं पाते—स्कोरबोर्ड देखें या अंपायर का लाइव परफॉर्मेंस।

जब उन्होंने आउट का इशारा किया, तो कुछ पल के लिए बल्लेबाज भी भूल गया कि वह आउट हुआ है या किसी डांस शो में सिलेक्ट हो गया है। दर्शकों में चर्चा थी—“अगर अंपायरिंग में डांस का ओलंपिक होता, तो आदित्य जी गोल्ड मेडल लेकर ही लौटते!”

उनके साथ अंपायर राजेश सागड़िया ने भी मैदान में ऐसा संतुलन बनाया, मानो क्रिकेट और मनोरंजन का संयुक्त राष्ट्र मिशन चला रहे हों।
जब कमेंट्री ने मैच को बना दिया ‘ब्लॉकबस्टर’
नेशनल कमेंटेटर प्रकाश पात्र की आवाज़ में ऐसा करंट था कि साधारण सिंगल रन भी दर्शकों को सुपर ओवर जैसा रोमांच दे रहा था। उनकी कमेंट्री सुनकर लग रहा था कि मैच अमलीपदर में नहीं, सीधे वर्ल्ड कप फाइनल में खेला जा रहा है।

जब गेंद हवा में जाती, तो उनकी आवाज़ सुनकर दर्शक पहले ही खड़े हो जाते—चाहे कैच हो या चौका, रोमांच तो तय था। कुछ दर्शकों ने तो मजाक में कहा—“प्रकाश जी अगर मौसम की भी कमेंट्री कर दें, तो बादल भी तालियां बजाने लगें।”
जीत के साथ जेब भी मुस्कुराई

विजेता 11 स्टार अमलीपदर टीम को ट्रॉफी के साथ ₹75,000 नगद पुरस्कार दिया गया, जिससे खिलाड़ियों की खुशी का स्तर ‘नॉट आउट’ से सीधे ‘सेंचुरी’ तक पहुंच गया। वहीं उपविजेता अनकाबेड़ा टीम को ₹50,000 नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, ताकि हार का दर्द थोड़ा ‘कैश बैलेंस’ से कम हो सके।
जब पुलिस अधिकारी भी बने क्रिकेट फैन
समापन समारोह में गरियाबंद जिले के पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी से खिलाड़ियों का उत्साह ऐसा बढ़ा, मानो मैदान में सुरक्षा के साथ-साथ प्रेरणा की भी फुल ड्यूटी लग गई हो।

विशिष्ट अतिथियों में एसडीओपी ओमप्रकाश कुजूर, रविंद्र सिंह राजपुरोहित, थाना प्रभारी अमलीपदर दिलीप मेश्राम, निर्भय सिंह ठाकुर, सरपंच हेमो बाई नागेश, हनुमान धुर्वा, नेशनल कमेंटेटर प्रकाश पात्र, केसरी खरसेल, कुमार मणि नागेश, कृष्ण कुमार प्रधान और परमेश्वर बघेल सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और यह भी देखा कि अमलीपदर में क्रिकेट अब “खेल” कम और “त्योहार” ज्यादा बन चुका है।
8 हजार दर्शक… और हर किसी की अपनी पसंदीदा ‘स्टार परफॉर्मेंस’
करीब 7 से 8 हजार दर्शकों की भीड़ ने स्टेडियम को ऐसा माहौल दिया, मानो पूरा अमलीपदर छुट्टी लेकर यहीं आ गया हो। कुछ लोग मैच देखने आए थे, कुछ कमेंट्री सुनने, और कुछ खास तौर पर डांसिंग अंपायर का लाइव शो देखने।
क्रिकेट से ज्यादा, यादों और मनोरंजन का उत्सव
यह प्रतियोगिता न केवल क्षेत्रीय प्रतिभाओं के लिए मंच बनी, बल्कि दिवंगत व्यक्तित्वों की स्मृति को सम्मान देने का प्रेरणादायक अवसर भी साबित हुई। साथ ही इसने यह भी साबित कर दिया कि अमलीपदर में क्रिकेट अब सिर्फ रन और विकेट का खेल नहीं, बल्कि डांस, ड्रामा और जबरदस्त कमेंट्री का “मेगा शो” बन चुका है।
कुल मिलाकर—मैदान में खिलाड़ियों ने मैच जीता, लेकिन दर्शकों का दिल अंपायर आदित्य कश्यप और कमेंटेटर प्रकाश पात्र पहले ही जीत चुके थे।

