आरटीआई खुलासे के बाद बड़ा उलटफेर: रंजना उडदे के सभी आरोप झूठे साबित, रंजीत सिंह करेंगे मानहानि का दावा
जांच में आरोप निराधार पाए जाने के बाद शिकायतकर्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी
बीजापुर बस्तर के माटी समाचार :- स्वच्छ भारत मिशन जिला समन्वयक भर्ती मामले नेश्रनया मोड़ ले लिया है। जिस प्रकार शपथपत्र देकर रंजना उद्दे द्वारा रंजीत सिंह के खिलाफ लगाए गए फर्जीवाड़े के सभी आरोप जांच में पूरी तरह झूठे साबित हुए हैं। गौरतलब है कि रंजना ने आरोप लगाया था कि रंजीत सिंह ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल की, जिसमें आवेदन की अंतिम तिथि के बाद आवेदन जमा करने, फर्जी निवास और अनुभव प्रमाण-पत्र, तथा मेरिट सूची में हेरफेर जैसे गंभीर आरोप शामिल थे।
प्रशासन द्वारा की गई विस्तृत जांच में यह पाया गया कि रंजना उडदे के सभी आरोप निराधार और तथ्यहीन हैं। जांच टीम ने पुष्टि की कि रंजीत सिंह के सभी दस्तावेज पूरी तरह प्रामाणिक पाए गए और नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई थी। सूत्रों के अनुसार, यह शिकायत व्यक्तिगत द्वेष के चलते की गई थी।
अब जब सभी आरोप झूठे साबित हो चुके हैं, रंजीत सिंह ने शिकायतकर्ता रंजना उडदे के खिलाफ मानहानि का दावा प्रस्तुत करने की तैयारी शुरू कर दी है। उनके अधिवक्ता ने बताया कि झूठे आरोप लगाकर उनके ग्राहक की व्यक्तिगत और व्यावसायिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास किया गया, जो कानूनन दंडनीय है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से सरकारी नियुक्ति प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं और निर्दोष व्यक्तियों को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। रंजीत सिंह के समर्थकों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सच्चाई की जीत हुई है।

