माजा-बिस्किट वाली पूछताछ! रातभर ‘जंगल न्याय’, सुबह सूजे कूल्हों के साथ घर वापसी । वन विभाग की ‘VIP पूछताछ’ पर उठे सवाल
थर्ड डिग्री या टाइगर रिजर्व की नई थेरेपी? माजा पिलाकर डंडे की डाइट!
बस्तर की माटी न्यूज़ (BKM NATIONAL NEWS), मैनपुर/नुआपड़ा
उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व इन दिनों बाघ से ज्यादा “बवाल” के लिए चर्चा में है। उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व में बाघ शिकार मामले की जांच अब खुद वन विभाग के लिए सवालों का जंगल बनती जा रही है। आरोप बेहद गंभीर हैं — गलत पहचान के शक में एक ग्रामीण को उठाया गया, रात भर कथित थर्ड डिग्री दी गई, और सुबह बॉन्ड भरवाकर छोड़ दिया गया।

मामला ओडिशा के नुआपड़ा क्षेत्र के रहने वाले जालंधर बगर्ती से जुड़ा है। जालंधर और उसके परिवार का आरोप है कि वन विभाग की टीम उसे “हिंगोल” नामक संदिग्ध समझकर पूछताछ के लिए ले गई थी। लेकिन पूछताछ कथित तौर पर कानून के दायरे में नहीं, बल्कि “जंगल राज” के तरीके से हुई और इस पूरे मामले का सबसे चर्चित किरदार बन गया है — माजा और पतंजलि बिस्किट!

जालंधर का कहना है कि रातभर उसे ऑफिस में बैठाकर नहीं… “लेटाकर” पूछताछ हुई। दो लोग हाथ पकड़ते रहे और तीसरा डंडे से ऐसा “वन्य प्रेम” बरसाता रहा कि शरीर पर निशान ही निशान उभर आए।

सुबह जब वह बाहर निकला तो गांव वालों ने पूछा —
काय हो जालंधर, बाघ पकड़ के आए हो क्या?
तो उसने दर्द में जवाब दिया —नइ रे… खुद शिकार बनके लौटे हैं!
इधर वन विभाग का दावा भी कम दिलचस्प नहीं है। उप निर्देशक वरुण कुमार जैन ने साफ कहा कि कोई मारपीट नहीं हुई। पूछताछ के दौरान जालंधर का पूरा ध्यान रखा गया, उसे माजा और पतंजलि बिस्किट भी दिए गए। एम एल सी भी करवाई गई थी । सब नॉर्मल था यहां तक की बीपी शुगर भी सामान्य था।
बस फिर क्या था… गांव में नई मेडिकल रिसर्च शुरू हो गई!
लोग पूछ रहे हैं —
क्या अब माजा पीने से कूल्हे सूजते हैं?

“पतंजलि बिस्किट में नया ‘ब्लैक मार्क फॉर्मूला’ आ गया क्या?”
“अगर सेवा इतनी शानदार थी, तो आदमी सुबह लंगड़ाता क्यों मिला?”
ग्रामीणों का कहना है कि अगर जालंधर आरोपी था तो अदालत में पेश किया जाता। लेकिन यहां तो मामला ऐसा लग रहा है जैसे —पहले डंडा, बाद में बॉन्ड!
वीडियो वायरल होने के बाद अब गांव में गुस्सा उबल रहा है। कहीं लोग इसे वन विभाग की WWE पूछताछ बता रहे हैं, तो कहीं टाइगर रिजर्व की थर्ड डिग्री सफारी।

समाजसेवी सौदागर साहू ने पहले बोडेन थाना में किस दर्ज करवाई और फिर चेतावनी दी कि अगर निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वन विभाग कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में जहर देकर बाघ की शिकार की साजिश रचने के आरोप में 6 लोगों को पकड़ा गया था । उसी जांच के दौरान उड़ीसा के नुआ पाड़ा से जालंधर को पूछताछ के लिए लाया गया था ।

अब इलाके में एक ही सवाल गूंज रहा है
बाघ बचाने निकली व्यवस्था… कहीं इंसानियत को ही घायल तो नहीं कर रही?

