सत्यानंद यादव
कोण्डागांव बस्तर के माटी समाचार, 30 मई कभी नक्सल प्रभावित रहा अबूझमाड़ अब विकास और रोजगार की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल बनने के बाद अब युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल शुरू की गई है। इसी कड़ी में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) की 41वीं बटालियन द्वारा अबूझमाड़ के ग्रामीण युवाओं के लिए कोण्डागांव में निःशुल्क साइकिल मरम्मत प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है।
शनिवार से शुरू हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के विभिन्न गांवों से चयनित युवाओं को साइकिल मरम्मत और रखरखाव का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण कोण्डागांव के राज साइकिल स्टोर में आयोजित किया गया है। आईटीबीपी की ओर से प्रतिभागियों के आवागमन, आवास और भोजन की भी निःशुल्क व्यवस्था की गई है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी प्रशिक्षुओं को साइकिल मरम्मत किट और साइकिल भी प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपने गांव में रोजगार शुरू कर सकें।
आईटीबीपी 41वीं बटालियन के कमांडेंट बेनुधर नायक ने बताया कि, इस पहल का उद्देश्य अबूझमाड़ के ग्रामीणों को तकनीकी कौशल प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाना है। साइकिल और मरम्मत किट उपलब्ध कराने से ग्रामीणों की आवाजाही आसान होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
प्रशिक्षण ले रहे नेलंगूर निवासी वंजाराम उसेंडी ने बताया कि, पहले क्षेत्र में नक्सलियों का प्रभाव होने के कारण लोग गांव से बाहर आने में डरते थे। दूर जाने पर मारपीट और धमकियों का भय रहता था। उन्होंने कहा कि अब सुरक्षा बलों की मौजूदगी से हालात बदल चुके हैं और लोग बिना डर के आगे बढ़ रहे हैं। साइकिल मरम्मत का प्रशिक्षण लेकर वे अपने गांव में दुकान खोलकर आजीविका चलाना चाहते हैं।
राज साइकिल स्टोर के संचालक योगेश अरोरा ने बताया कि, आईटीबीपी के सहयोग से सेवा भाव के तहत अबूझमाड़ के युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उनका मानना है कि यह पहल युवाओं को हुनर के साथ रोजगार का अवसर भी देगी।
आईटीबीपी 41वीं बटालियन के इंस्पेक्टर राहुल यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में नारायणपुर जिले के कस्तूरमेटा, कुतुल, पदमकोट, बेड़माकोटी और नेलंगूर जैसे क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के कैंप स्थापित किए गए। इसके बाद क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों में काफी कमी आई है। अब युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि साइकिल मरम्मत प्रशिक्षण के अलावा पशुपालन, कृषि, उन्नत खेती, बीज वितरण और खेल गतिविधियों जैसे कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं, ताकि ग्रामीणों को रोजगार के अवसर मिलें और वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
आईटीबीपी की इस पहल को अबूझमाड़ के युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता और रोजगार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में विकास और सामाजिक बदलाव को नई गति मिलने की उम्मीद है।

