“अब सिर्फ पढ़ाएंगे नहीं, समाज भी संभालेंगे गुरुजी!”
कांदा डोंगर परिक्षेत्र गांड़ा समाज को मिला नया नेतृत्व, शिक्षक जगन्नाथ सोनवानी पर जताया समाज ने भरोसा
बस्तर के माटी न्यूज़ (BKM NATIONAL NEWS),गरियाबंद
कहते हैं कि जिसने पीढ़ियां गढ़ी हों, वह समाज भी गढ़ सकता है। शायद यही सोच कांदा डोंगर परिक्षेत्र गांड़ा समाज के लोगों की भी रही, तभी तो वर्षों से बच्चों को अपनापन और अनुशासन के साथ शिक्षा देने वाले मिलनसार शिक्षक जगन्नाथ सोनवानी को अब पूरे समाज की कमान सौंप दी गई।
गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत केंद्र सभा मंदाग मुड़ा में आयोजित गांड़ा समाज की महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। बिना किसी खींचतान और लंबी बहस के समाज ने एक ऐसे चेहरे पर भरोसा जताया, जिनकी पहचान केवल शिक्षक के रूप में नहीं, बल्कि सहज, सरल और सभी को साथ लेकर चलने वाले व्यक्तित्व के रूप में भी है।
बैठक में जगन्नाथ सोनवानी को कांदा डोंगर परिक्षेत्र गांड़ा समाज का अध्यक्ष चुना गया। वहीं तिरेश प्रधान एवं हुरेन्द्र प्रधान को उपाध्यक्ष तथा लोचन राम जगत को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई।

“कक्षा से समाज तक”— नई जिम्मेदारी, नई उम्मीदें
जगन्नाथ सोनवानी का नाम क्षेत्र में ऐसे शिक्षक के रूप में जाना जाता है जो बच्चों को केवल किताबों का ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उनके भविष्य और संस्कारों का भी पूरा ध्यान रखते हैं। विद्यार्थियों के प्रति उनका अपनापन, सहज व्यवहार और ईमानदार कार्यशैली ही उनकी सबसे बड़ी पहचान रही है। शायद यही कारण है कि समाज ने भी नेतृत्व की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर रख दी।
अब समाज के लोगों को उम्मीद है कि जिस तरह उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक पहचान बनाई है, उसी तरह सामाजिक संगठन को भी नई दिशा और नई ऊर्जा देंगे।
“कुर्सी नहीं, जिम्मेदारी है”
नवनिर्वाचित अध्यक्ष जगन्नाथ सोनवानी ने समाजजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पद उनके लिए सम्मान से अधिक जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिक्षा, युवाओं की भागीदारी, महिलाओं के सशक्तिकरण, सामाजिक एकता और समाज के अधिकारों से जुड़े हर विषय पर पूरी सक्रियता से कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठजनों के मार्गदर्शन और समाज के प्रत्येक सदस्य के सहयोग से संगठन को और मजबूत बनाया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक शिक्षित, संगठित और आत्मनिर्भर समाज मिल सके।
समाज ने भी जताई नई उम्मीद
बैठक में बड़ी संख्या में उपस्थित समाज के वरिष्ठजन, युवा और गणमान्य सदस्यों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का पुष्प मालाओं से स्वागत किया और समाज हित में मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
हल्की मुस्कान के साथ कुछ बुजुर्गों ने यह भी कहा कि “अब गुरुजी की परीक्षा बच्चों के साथ-साथ पूरे समाज की भी होगी।” हालांकि यह विश्वास भी उतना ही मजबूत दिखा कि जो व्यक्ति वर्षों से बच्चों का भविष्य संवारता आया है, वह समाज की दिशा भी जरूर संवारने का प्रयास करेगा।

बैठक का समापन सामाजिक एकता, भाईचारे और संगठन को मजबूत बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। अब कांदा डोंगर परिक्षेत्र गांड़ा समाज की निगाहें अपने नए नेतृत्व पर हैं, जिससे लोगों को विकास, संवाद और सामाजिक समरसता की नई शुरुआत की उम्मीद है।

