“दो दिन लेट सही… भगवान के दरबार में हाज़िरी पूरी! भूपेश बघेल ने अमलीपदर पहुंचकर की महाआरती, राजनीति पर भी साधा निशाना”
बस्तर के माटी न्यूज़ (BKM NATIONAL NEWS),गरियाबंद।
कहते हैं कि भगवान के यहां देर है, अंधेर नहीं… और शायद यही सोचकर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी दो दिन की देरी से सही, लेकिन आखिरकार अमलीपदर पहुंच ही गए। पहले कार्यक्रम टल गया, लेकिन निमंत्रण का मान रखने वे विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा महोत्सव में शामिल होने जगन्नाथ मंदिर पहुंचे और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व माता सुभद्रा के दर्शन कर महाआरती में शामिल हुए।

मंदिर परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। भूपेश बघेल ने भगवान से प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की और अमलीपदर की रथ यात्रा को छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बताया।
लेकिन… राजनीति आखिर राजनीति है। भगवान के दरबार से निकलते ही चर्चा फिर सियासत की गलियों में पहुंच गई। मीडिया के सवालों पर भूपेश बघेल ने दिल्ली मै नई पीढ़ी जैन जी के द्वारा किए गए आंदोलन के परिणामों का जिक्र करते हुए सरकार को “जनता का संदेश” समझने की नसीहत दे डाली। यानी आरती की लौ अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि राजनीतिक तापमान बढ़ने लगा।
इधर अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित युवराज पांडे की सुरक्षा का मुद्दा भी सामने आया। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी धार्मिक या सामाजिक व्यक्तित्व को सुरक्षा की जरूरत महसूस होती है, तो सरकार को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।दौरे में बिंद्रा नवागढ़ विधायक जनक ध्रुव, सिहावा विधायक अंबिका मरकाम, गुंडर देही विधायक कुंवर सिंह निषाद, भानुप्रताप पुर विधायक सावित्री मनोज मांडवी सहित कांग्रेस के जिला पवक्ता श्रवण सतपति, नीरज ठाकुर, तपेश्वर ठाकुर शहीद कई दिग्गज नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

अब सवाल यह है कि दो दिन की देरी के बाद हुआ यह दौरा सिर्फ धार्मिक आस्था का संदेश था या फिर रथ यात्रा की आड़ में राजनीतिक रथ भी आगे बढ़ाने की तैयारी? इसका जवाब आने वाले दिनों की राजनीति जरूर देगी।

