केंद्र सरकार ने देशभर के किसानों, मरीजों और छात्रों के लिए एक बड़ी पहल की है, जिससे भविष्य में सभी कागजी झंझटों से मुक्ति मिलेगी। इसके तहत सरकार ने “किसान कार्ड”, “स्वास्थ्य कार्ड” और “एजुकेशन आईडी कार्ड” जैसी योजनाएं लागू करने का निर्णय लिया है। इन कार्ड्स को आधार से लिंक किया जाएगा, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे संबंधित व्यक्ति तक पहुंचेगा ।


किसानों के लिए किसान कार्ड योजना
केंद्र सरकार ने एग्रीस्टेक प्रोजेक्ट के तहत सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि किसानों का पंजीयन कराकर उन्हें “किसान कार्ड” जारी किया जाए। इस योजना के तहत गरियाबंद जिले के मैनपुर और अमलीपदर तहसील में 31 मार्च 2025 तक किसानों के पंजीयन की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।

पंजीयन के लाभ:
- किसान कार्ड के माध्यम से किसानों की सभी कृषि संबंधित जानकारियां डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगी।
- सरकार के पास किसान की भूमि और कृषि उत्पादन का पूरा विवरण होगा, जिससे फर्जी धान खरीदी और भूमि घोटालों पर रोक लगेगी।
- किसान को खाद-बीज, उर्वरक, पीएम किसान योजना, और धान खरीदी जैसी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलेगा।
- किसान कार्ड से यह भी पता चलेगा कि किसान के पास कितनी भूमि है और किस प्रकार की फसल उगा रहा है।

जिला प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे नजदीकी प्राथमिक कृषि सहकारी समिति (PACS) और लोक सेवा केंद्र में जाकर 31 मार्च से पहले पंजीयन करवाएं। समय पर पंजीयन न कराने वाले किसानों को सरकारी योजनाओं से वंचित किया जा सकता है।
मरीजों के लिए स्वास्थ्य कार्ड योजना
सरकार अब मरीजों के लिए भी एक नई स्वास्थ्य कार्ड योजना लेकर आ रही है। इस स्वास्थ्य कार्ड में मरीज की संपूर्ण मेडिकल हिस्ट्री, बीमारियों की सूची, डॉक्टर के पर्चे, अस्पताल में इलाज का रिकॉर्ड, ब्लड प्रेशर, शुगर, और अन्य बीमारियों की जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज होगी।

स्वास्थ्य कार्ड के लाभ:
- मरीज को अलग-अलग अस्पतालों में फाइल या पर्ची रखने की जरूरत नहीं होगी।
- डॉक्टर सीधे स्वास्थ्य कार्ड को स्कैन कर मरीज की संपूर्ण मेडिकल जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
- इससे गलत इलाज या गलत दवाई की संभावना खत्म होगी।
- मरीज का सारा रिकॉर्ड एक ही कार्ड में सुरक्षित रहेगा।
शिक्षा के लिए अपार आईडी कार्ड
बच्चों की शिक्षा से संबंधित रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने “अपार आईडी कार्ड” लाने की योजना बनाई है। इस कार्ड में छात्र की पूरी शैक्षणिक जानकारी जैसे – स्कूल, कक्षा, परीक्षाफल, छात्रवृत्ति, और अन्य सुविधाओं की जानकारी दर्ज रहेगी।

अपार आईडी कार्ड के लाभ:
- छात्र की शिक्षा से जुड़ी सारी जानकारियां एक ही कार्ड में उपलब्ध रहेंगी।
- छात्र को नए स्कूल या कॉलेज में दाखिले के समय दस्तावेजों के सत्यापन की जरूरत नहीं होगी।
- छात्र की शैक्षणिक प्रगति और उपलब्धियों को सरकार द्वारा सीधे ट्रैक किया जाएगा।
फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
सरकार का मानना है कि इन कार्डों के माध्यम से धान खरीदी, भूमि खरीद-फरोख्त और सरकारी योजनाओं में होने वाले फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी। कई बार किसानों द्वारा अपनी भूमि के अलावा अतिरिक्त भूमि पर भी धान बेचने के मामले सामने आते रहे हैं। इस कारण सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।

अब किसान कार्ड के माध्यम से सरकार यह पता कर सकेगी कि किसान के पास कितनी भूमि है और कितनी फसल का उत्पादन हो रहा है। इससे धान खरीदी से जुड़े फर्जी मामलों पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
डिजिटल इंडिया की ओर बड़ा कदम
सरकार का यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सभी सरकारी सेवाओं और योजनाओं को डिजिटल रूप से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इस पहल से न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार होगा, बल्कि नागरिकों को भी सुविधाएं प्राप्त होंगी।
प्रचार-प्रसार जारी
सरकार द्वारा किसान कार्ड, स्वास्थ्य कार्ड और अपार आईडी कार्ड के प्रचार-प्रसार के लिए जोरशोर से अभियान चलाया जा रहा है। तहसील क्षेत्र में बैनर-पोस्टर लगाए जा रहे हैं और पंचायत स्तर पर बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। अधिकारियों ने किसानों, मरीजों और छात्रों से अपील की है कि वे समय पर पंजीयन कराकर इस योजना का लाभ उठाएं।
