इंदा गांव में आत्महत्या की बढ़ती घटनाएं: प्रशासन की चिंता गहरी, समाधान की तलाश जारी

रिपोर्टर _ राजीव लोचन बस्तर के माटी (BKM)
इंदा गांव, 23 .03 .2025– इंदा गांव में आत्महत्या की कोशिश करने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। हालात ऐसे हैं कि लोग रातों को जागकर चिंता में डूबे रहते हैं। कल ही प्रशासन द्वारा गांव में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें ग्रामीणों ने नशे की लत और बेरोजगारी को आत्महत्या के बढ़ते मामलों की मुख्य वजह बताया। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भी मानसिक स्वास्थ्य कैंप का आयोजन किया जा चुका है ।

बैठक के दौरान एसडीओपी ने क्षेत्र में नशे पर सख्ती से रोक लगाने का आश्वासन दिया, जबकि एसडीएम ने रोजगार के नए अवसर बढ़ाने की बात कही थी। लेकिन इन उपायों के बावजूद, आज फिर तीन लोगों ने आत्महत्या का प्रयास किया, जिन्हें समय रहते बचा लिया गया।

आत्महत्या की कोशिश करने वालों में शामिल हैं:
- नरेश शबर (16 वर्ष), पिता दनार शबर – उपारपारा
- पदमन यादव (19 वर्ष), बूझो यादव – मोंटापारा
- कौशल्या यादव (22 वर्ष), पति कमल यादव – कोटपारा
गांव के बुजुर्ग और प्रशासनिक अधिकारी लगातार युवाओं को समझाने और उनकी काउंसलिंग करने में लगे हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद आत्महत्या के मामले कम नहीं हो रहे हैं। प्रशासन इस गंभीर समस्या को हल करने के लिए नए कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिलेंगे और नशे पर पूरी तरह से रोक नहीं लगेगी, तब तक इस समस्या का समाधान संभव नहीं है।
प्रशासन की आगामी योजनाएं:
- नशे पर सख्त प्रतिबंध और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई।
- युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाओं को तेज़ी से लागू करना।
- मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता अभियान चलाना और काउंसलिंग की व्यवस्था को मजबूत करना।
इंदा गांव में लगातार बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं को रोकना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन की ओर से उठाए गए कदम कितने प्रभावी साबित होते हैं और क्या गांव के युवाओं को जीवन की नई दिशा मिल पाती है।