सत्यानंद यादव
कोंडागांव बस्तर के माटी समाचार यूँ तो देश में लोक तंत्र बहाल है ऐसा कहा जाता है चुनाव में एक पक्ष हारता है तो दूसरा पक्ष जीतता है और ये प्रक्रिया हमेशा से चलता रहा है और चलता रहेगा बड़े बड़े पदों विधायक सांसद जैसे बड़े पदों में हार के बाद लोग जनादेश का सम्मान करते देखे गए है और जनता जनार्दन का फैसला को हम सबको सम्मान करना चाहिए यहीं खूबसूरती लोकतंत्र की है किन्तु कोंडागांव जिला के विकासखंड बड़ेराजपुर के ग्राम पंचायत बांसकोट में कुछ अलग ही बात है सरपंच उपसरपंच और जनपद सदस्य के हार के बाद हार का ठीकरा पंचायत प्रतिनिधियों पर फोड़ रहें है और उनसे जबरदस्ती इस्तीफा लिखवाने का मामला प्रकाश मे आया है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बांसकोट को जिले का सबसे सवेन्दनशील पंचायतों में गिनती होती है और सही भी जहाँ आये दिन कुछ न कुछ घटना दुर्घटना को अंजाम देकर सुर्खियों में नाम जुड़ा रहता है। पूरे प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का दौर खतम हुआ और अंतिम चरण में बड़ेराजपुर विकास खंड का चुनाव 23 फ़रवरी को सम्पन्न हुआ जिसमें ग्राम पंचायत बांसकोट का सरपंच दो प्रत्याशी मैनबती नाग एवं श्रीमती सावित्री नेताम तत्कालीन सरपंच की पत्नी चुनाव लड़ी और हार गईं वहीं 8 मार्च को उपसरपंच चुनाव सम्पन्न हुआ जिसमें ग्राम पटेल आत्मा राम सिन्हा को 7 मत, राजेश साहू 13 मत एवं सियाराम मरकाम को 1 मत मिला जिसमें राजेश साहू उपसरपंच पद हेतु निर्वाचित घोषित हुए। फिर शुरू हुआ पंचो के साथ दबँगई का दौर क्योंकि जिन पंचो ने ग्राम पटेल आत्मा राम सिन्हा को वोट नहीं किया था उनके सहयोगियों के द्वारा उनके घरों में जाकर जबरदस्ती इस्तीफा लिख कर हस्ताक्षर करवाना धमकी देना जिसमें इतवारीन पति रामप्रसाद एवं निर्विरोध निर्वाचित पंच परमेश्वर मरकाम पिता हीरा सिंग शामिल है। परमेश्वर मरकाम को तो दुर्गा मंच नाकापारा में बकायदा बैठक करके ग्राम पटेल आत्माराम सिन्हा को वोट नहीं देने का आरोप लगाते हुए उसके बहनोही बोधन राम सिन्हा एवं डिगेश्वर सार्दुल द्वारा इस्तीफा आवेदन बनाकर पंच परमेश्वर मरकाम से हस्ताक्षर करवाया गया। वहीं बाकी पंचो से भी पिंकी हिड़सो पति परषोतम एवं गजेंतीन मरकाम पति देवनाथ से भी जबरदस्ती इस्तीफा दिलाने हेतु शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की खबर मिल रहीं है। यहाँ यह बताना लाजमी है कि ग्राम पटेल आत्माराम सिन्हा तथा उनके सहयोगियों के द्वारा आम लोगों पंचायत प्रतिनिधियों को जादू टोना के नाम पर सार्वजनिक रूप से बैठक करके दबाव बनाकर जनप्रतिनिधियों को इस्तीफा देने मजबूर किया जा रहा है वही जादू टोना करके पानी छिड़काव किया है कहके पिंकी हिड़सो पंच के पति से 15हजार रूपये जुर्माना 22 मार्च को वसूला गया है। यहाँ यह बताना लाजिमी है कि आत्मा राम सिन्हा अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते उपसरपंच पद में हार का ठीकरा पंचो के ऊपर फोड़ रहा है और दबाव बनाने के लिए बैठक बुलाकर डराया धमकाया जा रहा है। ताकी उनके खिलाफ कोई भी व्यक्ति शिकायत न कर सके।इस प्रकार के कृत्य से पंचायतीराज अधिनियम एवं लोक तंत्र की हत्या का खुला प्रयास है।।अब देखना है कि शासन प्रशासन पंचो को न्याय दे पाती है या नहीं और इन सब कृत्य में परदे के पीछे किन लोगों का हाथ है पूरा खुलासा करने कि जरूरत है नहीं तो आने वाला कल लोकतंत्र के रक्षा के लिए जरूरी हाथ आगे नहीं बढ़ेंगे। ऐसे लोगों को बेनक़ाब कर कानूनी कार्यवाही करने की जरूरत है। नहीं तो ऐसे लोगों के हौसले बुलंद होते रहेंगे। कलेक्टर कोंडागांव एवं पुलिस अधीक्षक कोंडागांव को ज्ञापन सौंप कर न्याय की मांग किया गया है।