ग्राम पंचायत कोयबा में जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन
परिवर्तित कृषि और नशा मुक्ति पर जोर
मैनपुर। ब्लॉक मुख्यालय मैनपुर से 32 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत कोयबा में जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया तथा सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को दिया गया।

300 से अधिक आवेदन प्राप्त, 62 का त्वरित निराकरण
शिविर में ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में अपनी समस्याएं रखीं। विभिन्न विभागों को कुल 300 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 62 आवेदनों का मौके पर ही समाधान किया गया। शेष आवेदनों को संबंधित विभागों को भेजा गया, जिन्हें निर्धारित समय-सीमा में निपटाने के निर्देश दिए गए।

शिविर में शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, कृषि, महिला एवं बाल विकास, बिजली, जल संसाधन, पंचायत, खाद्य, समाज कल्याण, श्रम एवं रोजगार विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। शिविर में वृद्धावस्था पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आवास योजना, भूमि विवाद, नल-जल योजना आदि के आवेदन लिए गए और उनकी समाधान प्रक्रिया शुरू की गई।
आंगनवाड़ी विभाग ने किया विशेष आयोजन

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ‘गोद भराई’ और ‘अन्नप्राशन’ कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान गर्भवती महिलाओं और छह माह पूरे कर चुके शिशुओं को पूरक पोषण आहार की जानकारी दी गई। ‘गोद भराई’ कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार संबंधी जानकारी दी गई, जबकि ‘अन्नप्राशन’ में शिशुओं को अन्न ग्रहण कराकर पोषण के महत्व पर जोर दिया गया।

दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल वितरित

दिव्यांगजनों के लिए शिविर में विशेष व्यवस्था की गई थी। पात्र हितग्राहियों को ट्राई साइकिल वितरित की गई, जिससे वे आसानी से आ-जा सकें। इस पहल से लाभान्वित होकर दिव्यांगजनों ने प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
पेयजल समस्या के समाधान के निर्देश


गर्मी के मौसम को देखते हुए पानी की समस्या को लेकर अधिकतर आवेदन प्राप्त हुए। इस पर कलेक्टर ने पीएचई विभाग को निर्देश दिया कि जहां-जहां नए नलकूप खनन की आवश्यकता है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए।
इंदागांव में बैंक और तहसील सुविधा, अस्पताल को लेकर असमंजस

इंदागांव में बैंक, अस्पताल और उप-तहसील की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन दिया। इस पर कलेक्टर ने हर गुरुवार तहसीलदार की उपस्थिति सुनिश्चित करने और बैंक शाखा खोलने के निर्देश दिए। हालांकि, अस्पताल खोलने की मांग फिलहाल बजट के अभाव में स्थगित कर दी गई है, लेकिन भविष्य में बजट स्वीकृत होते ही अस्पताल खोलने का आश्वासन दिया गया।
नशे और जुए के खिलाफ सख्त कार्रवाई

एसपी निखिल राखेचा ने नशे के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की बात कही। जुआ और सट्टे पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, नशा मुक्ति के लिए एक टोल-फ्री नंबर जारी किया गया, जिससे नशे की लत से ग्रस्त लोगों को मदद मिल सके।
परिवर्तित कृषि पर जोर

कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने परिवर्तित कृषि को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि रबी और खरीफ फसलों की बुवाई क्षेत्र के अनुसार की जाए, जिससे जल संरक्षण हो सके। उनका कहना था— “पानी है तो भविष्य है”, इसलिए खेती के तरीके में बदलाव जरूरी है।
ग्रामीणों को मिली राहत, आगे भी होंगे ऐसे शिविर

इस शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के त्वरित समाधान की सुविधा मिली, जिससे वे संतुष्ट नजर आए। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ऐसे शिविरों का आयोजन किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।