भीषण गर्मी के चलते जहां इंसान बेहाल हैं, वहीं बेजुबान जानवरों की स्थिति भी दयनीय होती जा रही है। ऐसे में हरिहर वेलफेयर फाउंडेशन ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए जानवरों के लिए जगह-जगह भोजन और पानी के सकोरे रखने की पहल शुरू की है।

फाउंडेशन की ओर से विभिन्न क्षेत्रों—जैसे मंदिर परिसर, सार्वजनिक स्थल, पार्क, गलियां और बाजार क्षेत्रों में—मिट्टी के बर्तन रखे गए हैं। इन बर्तनों में प्रतिदिन साफ पानी और जानवरों के लिए उपयुक्त भोजन डाला जा रहा है, ताकि वे इस झुलसाती गर्मी में राहत पा सकें।
संस्था के अध्यक्ष आशुतोष सिंह राजपूत ने बताया कि गर्मी में अक्सर बेजुबान जानवर पानी की तलाश में भटकते रहते हैं और कई बार प्यास से दम तोड़ देते हैं। ऐसे में यह पहल उनके लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है। उन्होंने आमजन से अपील की कि हर व्यक्ति अपने घर या कार्यस्थल के बाहर एक बर्तन में पानी और थोड़ा भोजन रखे, जिससे आसपास रहने वाले पशु-पक्षी लाभान्वित हो सकें।

आशुतोष ने कहा, “यह न केवल एक सामाजिक कार्य है, बल्कि हमारी संवेदनशीलता और इंसानियत की असली पहचान भी है। प्रकृति ने हमें सोचने और समझने की शक्ति दी है, तो हमें उन प्राणियों के लिए भी सोचना चाहिए जो अपनी पीड़ा व्यक्त नहीं कर सकते।”
फाउंडेशन की इस पहल को क्षेत्रवासियों से सकारात्मक समर्थन मिल रहा है। कई स्वयंसेवक भी इस अभियान में शामिल हो रहे हैं और अपने-अपने मोहल्लों में बेजुबानों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।
हरिहर वेलफेयर फाउंडेशन की योजना है कि आने वाले दिनों में इस अभियान को और अधिक व्यापक स्तर पर लागू किया जाए। संस्था का उद्देश्य है कि इस गर्मी में किसी भी जानवर को भूखा या प्यासा न रहना पड़े।

