पुलिस ने खुद पुलिसकर्मी का काटा चालान, हेलमेट न पहनने पर भरा जुर्माना
बस्तर की माटी न्यूज़ (BKM NATIONAL NEWS)गरयाबंद
अक्सर सड़क पर बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों का चालान काटने वाली पुलिस इस बार खुद एक पुलिसकर्मी के लिए नजीर बन गई। हेलमेट नियम तोड़ने पर पुलिस ने अपने ही आरक्षक का ₹1000 का चालान काट दिया। यह घटना आम लोगों में चर्चा का विषय बन गई है और लोग इसे पुलिस की सख्ती और निष्पक्षता का उदाहरण मान रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में क्षेत्र में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए गरियाबंद पुलिस अधीक्षक निखिल कुमार राखेचा ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि हेलमेट पहनना अनिवार्य है। कोई भी व्यक्ति, चाहे आम नागरिक हो या पुलिसकर्मी, नियम का उल्लंघन करेगा तो उसका चालान काटा जाएगा। निर्देश के बाद अमलीपदर और आसपास के क्षेत्रों में हेलमेट चेकिंग अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है।

इसी दौरान, पुलिस कार्य से कोर्ट गए और लौट रहे अमलीपदर थाना के आरक्षक जेल जैलसिंह नागेश चेकिंग पॉइंट पर बिना हेलमेट के पकड़े गए। ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों ने नियम के अनुसार उन पर ₹1000 का चालान काटा। आरक्षक ने मौके पर ही अपनी गलती स्वीकार की और वादा किया कि अब कभी भी बिना हेलमेट गाड़ी नहीं चलाएंगे।
अमलीपदर थाना प्रभारी दिलीप कुमार मेश्राम ने कहा,
“कानून सबके लिए बराबर है। अगर पुलिसकर्मी नियम तोड़ेगा तो उसका भी चालान काटा जाएगा। यह कदम जनता में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जरूरी है।”
थाना प्रभारी के सख्त रवैये और निष्पक्ष कार्रवाई ने क्षेत्र में उनको ‘सिंघम’ के रूप में मशहूर कर दिया है। लोग सोशल मीडिया और गांवों में इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि जब पुलिसकर्मी भी नियम तोड़ने पर जुर्माना भर रहे हैं, तो आम लोगों को भी ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए।
यह घटना लोगों के लिए एक बड़ा संदेश है कि हेलमेट केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी है। हाल के दिनों में हुई सड़क दुर्घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि बिना हेलमेट दोपहिया चलाना जान जोखिम में डालना है।
पुलिस विभाग की यह निष्पक्ष कार्रवाई न केवल ट्रैफिक अनुशासन को मजबूत कर रही है, बल्कि लोगों में यह सकारात्मक संदेश भी दे रही है कि सड़क पर हर किसी के लिए कानून एक समान है।

