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10 साल के बच्ची को बनाया सौतेला बाप ने हवश का शिकार

बस्तर की माटीन्यूज़ (BKM NATIONAL NEWS), गरियाबंद 

गर्भावस्था में ही अपने बाप को खोने के बाद मां ने जब दूसरी शादी की तो मां को लगा कि पेट में पल रहे बच्चे को बाप के जगह पर फिर से बाप मिल गया। उसको भनक भी नहीं लगी की वो नरक की और कदम बढ़ा रही है।

उस शादी के कुछ महीने बाद एक लड़की को जन्म देने वाली उस मां को यह पता ही नहीं था कि जिस पति के घर पर वो एक लड़की को जन्म दे रही है,उस पति ही एकदिन उस लड़की को नोच डालेगी ।

पीड़िता अपनी मां के साथ सौतेले बाप के घर में बढ़ने लगी और अपनी बचपन बिताने लगी। सौतेले बाप से दो भाई बहन भी हुए । कुछ सालों के बाद पीड़िता ने मारपीट झेल रही अपनी मां को भी खो दिया, अब बस सौतेला बाप की ही साया बनी रही।

 

10 साल की पीड़िता अपने छोटे-छोटे भाई बहन और नशेड़ी सौतेला बाप की जिम्मेदारी भी संभाल रही थी। कल उस 10 साल की छोटी बच्ची को उसके सोतेला बाप ने मारपीट कर बलात्कार कर डाला ।

घटना के बारे में पीड़िता के चचेरे भाई को पता चलने पर चचेरे भाई ने पुलिस के पास आकर रिपोर्ट दर्ज कराई। अमलीपदर के थाना प्रभारी ने मामले का तुरंत संज्ञान लेते हुए पीड़िता को आरोपी के चंगुल से मुक्त कराकर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(च), 65(2) तथा पोक्सो 4, 6 के तहत अपराध पंजीकृत कर आरोपी को जेल भेजा गया ।

इस घटना फिर से यही दर्शाती है की बच्चियां समाज में आज भी महफूज नहीं है। अपने ही घर में सौतेला बाप के गंदी नजर भी उसे बचा नहीं सकी, तो समाज में उसका हाल कैसा होगा ? सरकार बार-बार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे कई सारे योजनाएं ला रही हैं, लेकिन धरातल पर बेटी अपने ही परिवार वालों से असुरक्षित है।

बेटियां जहां एक तरफ ऊंची उड़ान भरने के लिए सोचती हैं और आगे बढ़ना चाहती हैं तो दूसरे तरफ समाज के कुछ दरिंदे लोग, उन्हें दबोचना चाहते हैं। घर वाले ऐसे ही पिशाचों से अपने बच्चियों को बचाने की सलाह और मशवरा देते हैं लेकिन घर में ही बच्चियों को अगर अपने सौतेला बाप हीं गंदी नजर डालें और उसको बलात्कार करे तो बच्चियां समाज में कहां महफूज रह सकते है ।

बच्चियों को खुले आसमान में जीने के लिए छोड़ने वाले उन माता-पीताओं को भी इस घटना से सदमा पहुंचा है जो, अपने बच्चियों को सपनों की उड़ान भरने के लिए अपने नजरों से दूर किसी अनजान शहर में छोड़ देते हैं । मानवता को शर्मसार करने वाली इस तरह के घटना फिर से दोबारा क्षेत्र में न हो इसीलिए सामाजिक संस्थाओं को भी आगे आकर लोगों को जागरूक करना चाहिए।

इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए जन जागरूक अभियान चला कर बच्चियों को अपने-अपने सपनों की उड़ान भरने के लिए प्रेरित करना चाहिए । इस दर्दनाक घटना सामने आने के उपरांत कई समाज सेवकों का कहना है कि आरोपी को शक्त से शक्त सजा दी जाए, एक मिसाल पेश किया जाए ताकि बच्चियों के ऊपर गंदे नजर रखने वाले लोग इस तरह के घटना को अंजाम देने से पहले ही उनका रूह कांप उठे ।

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