सॉफ्टबॉल के नाम पर फिजियोथैरेपी सेंटर! नगर पालिका का अजीब खेल, सभी अधिकारी बेखबर
बस्तर के माटी समाचार
बीजापुर में एक ऐसा मामला सामने आया है जो नगर पालिका की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता की पोल खोल रहा है। सांस्कृतिक भवन मैदान में एक कमरा आधिकारिक तौर पर ‘सॉफ्टबॉल रूम’ के नाम पर किराए पर दिया गया है, लेकिन वहाँ चल रहा है फिजियोथैरेपी उपचार केंद्र! सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले से संबंधित सभी विभागों के अधिकारी बेखबर नजर आ रहे हैं।

एसडीएम जागेश्वर कौशल ने कहा
“विभाग को इस बात की जानकारी नहीं है कि सॉफ्टबॉल के नाम से कोई दुकान का संचालन हो रहा है।”
लेकिन हकीकत इसके एकदम उलट है। नगर पालिका की ओर से जारी रसीदें साफ दिखाती हैं कि ‘सॉफ्टबॉल भवन दुकान किराया’ के नाम से रसीदें काटी गई हैं। यानी नाम तो सॉफ्टबॉल का, काम फिजियोथैरेपी का और किराया नगर पालिका को मिल रहा है।

नगर पालिका सीएमओ नूरेठी का बयान
“पालिका को किराया से मतलब था, हमने रसीद काटी है। सालों से दुकान का संचालन हो रहा है।”
नगर पालिका के इस बयान से मामला और भी गंभीर हो जाता है। सवाल यह है कि क्या नगर पालिका को सिर्फ किराए से मतलब है, चाहे संपत्ति का इस्तेमाल किसी भी काम के लिए क्यों न हो? इस पूरे मामले में सबसे बड़ा झटका तब लगता है जब पता चलता है कि इस कमरे का कोई औपचारिक एग्रीमेंट भी नहीं हुआ है और तीन-चार साल में सिर्फ कुछ ही महीनों का किराया जमा हुआ है।
यह मामला नगर पालिका की संपत्तियों के प्रबंधन में गंभीर लापरवाही को उजागर करता है। एक तरफ तो खेल विभाग के अधिकारी इस पूरे मामले से अनजान हैं, तो दूसरी तरफ नगर पालिका का कहना है कि उन्हें सिर्फ किराए से मतलब है। सवाल यह उठता है कि क्या इस तरह नगर पालिका की संपत्तियों का दोहन हो रहा है और जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से मुंह चुरा रहे हैं?

