विश्राम गृह भोपालपटनम में तोड़फोड़ कर शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने एवं बीजापुर के व्यापारी से दुकान में घुसकर मारपीट करने वाले प्रकरण में विशाल एवं विकास गोमास की गिरफ्तारी।
बीजापुर पुलिस की प्रभावी कार्यवाही।
थाना कोतवाली बीजापुर एवं थाना भोपालपटनम की संयुक्त टीम द्वारा थाने में पंजीबद्ध अपराध पर कार्यवाही करते हुए विशाल गोमास एवं उसके भाई विकास गोमास को गिरफ्तार किया गया, जो 02 अलग-अलग मामलों में वांछित थे।
बीजापुर बस्तर के माटी समाचार
प्रकरण–1 (व्यापारी से मारपीट) :-
दिनांक 19.10.2025 को प्रार्थी जगदीश सेन पिता मोहन सेन उम्र 22 वर्ष निवासी पुराना बस स्टैण्ड बीजापुर ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि जब वह अपने सेलून में कार्य कर रहा था, उस दौरान विशाल गोमास व उसका भाई विकास गोमास दुकान पर पहुंचे और “तू बड़ा नेता बनता है” कहकर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। दोनों ने दुकान के भीतर घुसकर प्रार्थी से मारपीट की एवं दुकान में तोड़फोड़ की।
इस संबंध में थाना कोतवाली बीजापुर में धारा 324(4), 333, 296, 115(2), 351(2), 3(5) बी.एन.एस. के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
* प्रकरण–2 (विश्राम गृह भोपालपटनम में तोड़फोड़ एवं अवैध प्रवेश) :-*
घटना दिनांक 04.10.2025 को घटित हुई, जब विशाल गोमास ने बिना अनुमति के शासकीय विश्राम गृह भोपालपटनम के कमरे का ताला पत्थर से तोड़कर अंदर प्रवेश किया तथा कक्ष के भीतर बैठकर शराब सेवन किया। चौकीदार द्वारा मना करने पर आरोपी ने तथाकथित पत्रकार होने का भय एवं दबाव डालते हुए धमकी दी। मामले में थाना भोपालपटनम् में धारा 331(2), 324(3) बी.एन.एस., लोक संपत्ति का नुकसानी निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3 तथा छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 2015 की धारा 36(च) के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
थाना में दोनों प्रकरण पंजीबद्ध होने के बाद से विशाल गोमास फरार चल रहा था। बीजापुर पुलिस ने सायबर सेल की सहायता से तकनीकी विश्लेषण कर आरोपी विशाल गोमास एवं उसके भाई विकास गोमास को रायपुर से गिरफ्तार किया।
पूर्व में वर्ष 2016 विशाल गोमास पर थाना तोयनार में अपराध क्रमांक 02/2016, धारा 420, 34 भा.दं.सं. अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था।
थाना में पंजीबद्ध उपरोक्त दोनों घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली बीजापुर एवं थाना भोपालपटनम की संयुक्त टीम को उक्त आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रवाना किया था। टीम ने तकनीकी व मैदानी प्रयासों से दोनों आरोपियों को रायपुर से गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

