कृष्णा कुंजाम व राजू तोले
सुकमा बस्तर के माटी समाचार
➡️ जिला सुकमा अंतर्गत गोंदीगुड़ा में हुए मुठभेड़ में महिला माओवादी सहित कुल 03 माओवादी मारे गए ।
➡️ मुठभेड़ स्थल से 9MM सर्विस पिस्टल, 12 बोर,भरमार बंदूक एवं भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ एवं नक्सल सामाग्री बरामद l
➡️ गोंदीगुड़ा मुठभेड़ में मारे गए 02 पुरुष माओवादी ACM रैंक के ईनामी ₹05 लाख एवं 01 महिला माओवादी LOS सदस्या ईनामी ₹02 लाख है।
➡️मुठभेड़ में मारे गए माओवादी कोंटा/ किस्टाराम एरिया कमेटी अंतर्गत सक्रिय रहकर कई बड़े गंभीर मामले में शामिल रहे हैं।
⚫ पुलिस अधीक्षक सुकमा श्री किरण चव्हाण द्वारा बताया गया कि सुकमा जिले के थाना गोलापल्ली अंतर्गत गोंदीगुड़ा के जंगल पहाड़ी में माओवादियों की मौजूदगी की पुख़्ता जानकारी के आधार पर सुकमा DRG टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
⚫ सर्च अभियान के दौरान 18/12/2025 के प्रातः से थाना गोलापल्ली अंतर्गत गोंदीगुड़ा के जंगल पहाड़ी में जिला सुकमा डीआरजी की टीम और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ हुई।
⚫ मुठभेड़ स्थल सर्च करने पर 01 महिला एवं 02 पुरुष माओवादी का शव हथियार एवं नक्सल सामग्री सहित बरामद हुआ हैं।
⚫ प्रारम्भिक तौर पर मुठभेड़ में मारे गए माओवादी की पहचान एवं प्रोफ़ाइल :-
🔻01. माड़वी जोगा उर्फ मून्ना
निवासी – जिला नारायणपुर क्षेत्र
रैंक – ACM कोंटा एरिया कमेटी
ईनाम राशि – ₹05 लाख
🔻 02. सोढ़ी बंडी
निवासी – सिंघनमड़गू किस्टाराम सुकमा
रैंक – ACM (किस्टाराम एरिया कमेटी )
ईनामी राशि – ₹05 लाख
🔻03. नुप्पों बजनी
निवासी – टेकलगुडा जगरगुंडा सुकमा
रैंक – LOS सदस्या (,किस्टाराम एरिया कमेटी)
ईनामी राशि – ₹02 लाख
⚫ *मुठभेड़ स्थल से बरामद सामग्री :-*
मुठभेड़ स्थल से 9MM सर्विस पिस्टल,12 बोर,भरमार बंदूक एवं BGL सेल, टिफिन बम सहित भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ एवं नक्सल सामाग्री बरामद हुआ है।
⚫ बस्तर रेंज के IGP श्री सुन्दरराज पट्टलिंगम ने कहा कि वर्ष 2025 में सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप अब तक Central Committee Members, DKSZC Members और PLGA Cadres सहित कुल 255 माओवादी मारे जा चुके हैं, जो माओवादी नेटवर्क की निर्णायक कमजोरी को दर्शाता है ।
“बस्तर में माओवाद अपनी अंतिम साँसें गिन रहा है। संगठन की संरचना टूट चुकी है और अब उनकी किसी भी हिंसक चाल या दहशत फैलाने की कोशिश का कोई प्रभाव नहीं रह गया है।
सभी सक्रिय माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएँ।”

