बस्तर के माटी समाचार
कृष्ण कुमार कुंजाम ब्यूरो चीफ बस्तर
बस्तर में गृह मंत्री का ‘जादू, फायदा उद्योगपतियों को, नुकसान आदिवासियों कोः बॉमहा मंडावी बस्तर।
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बस्तर जिला आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष बौमता मंडावी ने बस्तर पण्डुम 2026 के समापन समारोह को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बस्तर की माटी. संस्कृति और आदिवासी अस्मिता को केवल मंच की शोभा बनाकर प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत लगातार बद से बदतर होती जा रही है।
बॉमड़ा मंडावी ने कहा कि देश के गृह मंत्री अमित शाह का बस्तर में बार-बार आना किसी जादू से कम नहीं है, लेकिन यह जादू बस्तर के आदिवासियों के लिए नहीं बल्कि देश के बड़े उद्योगपतियों के लिए काम कर रहा है। हर दौरे पर सरकारी खजाने से लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन इसका कोई सीधा लाभ बस्तर के गांवों, किसानों और आदिवासी समाज को नहीं मिल रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बस्तर के जल, जंगल और जमीन को बड़े पूंजीपतियों अदानी और अंबानी के हवाले करने का काम कर रही है। विकास के नाम पर खनन, औद्योगिक परियोजनाएं और कॉरपोरेट समझौते किए जा रहे हैं, जिससे आदिवासियों के परंपरागत अधिकार छीने जा रहे हैं। सरकार विकास की गाथा गा रही है, लेकिन यह विकास आदिवासियों को उजाड़कर किया जा रहा है। बॉमडा मंडावी ने कहा कि बस्तर के अधिकांश गांवों में आज भी शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है।
कई स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं, भवन जर्जर हालत में हैं और बच्चों का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी अत्यंत दयनीय है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में न तो पर्याप्त डॉक्टर हैं और न ही जरूरी दवाइयां। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों में भटकना पड़ता है कृषि की बदहाली पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि किसान धान बेचने के लिए रो रहे हैं। खरीदी केंद्रों में भारी अव्यवस्था है और समय पर भुगतान नहीं हो रहा

