BREAKING NEWS | बीजापुर कलेक्टर का फरमान या पुराना नियम? 2013 के आदेश पर मचा बवाल”
बस्तर के माटी समाचार
बीजापुर से इस वक्त की बड़ी खबर… कलेक्टर द्वारा जारी आश्रम-छात्रावास से जुड़ा आदेश विवादों में आ गया है। इस आदेश को लेकर आरोप लग रहे हैं कि आश्रमों में हो रही घटनाओं को छुपाने के लिए यह कदम उठाया गया है… लेकिन सच कुछ और भी है।
दरअसल, जिला कलेक्टर बीजापुर द्वारा जारी आदेश में आश्रम और छात्रावासों के निरीक्षण को सीमित करते हुए स्पष्ट किया गया है कि बिना अनुमति कोई भी व्यक्ति या संस्था निरीक्षण नहीं कर सकेगी। साथ ही छात्रों से मिलने के लिए रविवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक का समय तय किया गया है।
लेकिन इस आदेश के सामने आते ही जिले में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि यह “फरमान” आश्रमों में हो रही गड़बड़ियों और घटनाओं को दबाने के लिए जारी किया गया है।


बड़ी बात:
जांच में यह सामने आया है कि यह आदेश कोई नया नियम नहीं है… बल्कि वर्ष 2013 में जारी शासन के निर्देशों के आधार पर ही इसे लागू किया गया है। यानी यह व्यवस्था पहले से ही लागू थी, जिसे अब दोहराया गया है।
सवाल जारी:
क्या पुराने नियम को लागू करने का समय सही है?
या फिर वाकई कुछ छुपाने की कोशिश हो रही है?
क्या इससे पारदर्शिता प्रभावित होगी?
प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए उठाया गया है और इसका उद्देश्य नियमों का पालन सुनिश्चित करना है
फिलहाल, आरोप और सफाई के बीच सच्चाई क्या है… यह जांच और समय के साथ ही साफ हो पाएगा।

