सत्यानंद यादव
रायपुर/कोंडागांव बस्तर के माटी समाचार छत्तीसगढ़ वन लिपिकीय कर्मचारी संघ द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रस्तावित अनिश्चितकालीन आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि आगामी मानसून सत्र (जुलाई 2026) में उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तो 1 अगस्त 2026 से पुनः आंदोलन शुरू किया जाएगा।
संघ के जारी पत्र के अनुसार, वन मुख्यालय में 23 मार्च 2026 को आयोजित बैठक में विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई थी। इस दौरान लिपिकीय संवर्ग के पदों में वृद्धि और सेटअप पुनरीक्षण को लेकर प्रस्ताव शासन स्तर पर भेजे जाने की जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि वर्तमान बजट सत्र में 50 प्रतिशत पदों की स्वीकृति दी गई है, जबकि शेष 50 प्रतिशत पदों पर निर्णय मानसून सत्र में संभावित है।
हालांकि संघ ने कहा कि अभी तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बना हुआ है। इसी के चलते पहले 1 अप्रैल 2026 से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन आंदोलन की घोषणा की गई थी, जिसे अब अस्थायी रूप से टाल दिया गया है।
संघ ने सभी कर्मचारियों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा है कि यदि सरकार द्वारा मानसून सत्र में मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो आंदोलन और अधिक व्यापक रूप ले सकता है।
मुख्य मांगें:
लिपिकीय संवर्ग के पदों में वृद्धि
सेटअप पुनरीक्षण (संरचना सुधार)
लंबित प्रशासनिक मांगों का निराकरण
अंत में संघ पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा, अन्यथा आंदोलन के लिए वे बाध्य होंगे।

