VIP भी लाइन में, भक्त भी बेकरार… अमलीपदर में मौसी मां के घर जाने को तैयार महाप्रभु, रथ यात्रा की भव्य तैयारियां तेज
बस्तर की माटी न्यूज़ (BKM NATIONAL NEWS),गरियाबंद
मैनपुर विकासखंड का अमलीपदर इन दिनों पूरी तरह जगमगा उठा है। कारण कोई चुनावी सभा नहीं, बल्कि वह अवसर है जिसका पूरे साल भक्त बेसब्री से इंतजार करते हैं। अब से पांच दिन बाद भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा अपने मौसी मां के घर प्रस्थान करेंगे। इस पावन यात्रा को ही विश्वविख्यात रथ यात्रा के रूप में जाना जाता है।

मौसी मां के मंदिर को आकर्षक रोशनी और रंग-बिरंगी सजावट से संवारने का काम अंतिम चरण में है। वहीं जगन्नाथ मंदिर परिसर में विशाल रथों को सजाने और अंतिम रूप देने की तैयारियां पूरे उत्साह के साथ चल रही हैं। गांव का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो चुका है।
कहते हैं कि भगवान के दरबार में सभी बराबर होते हैं। इस बार चर्चा यह भी है कि आम श्रद्धालुओं के साथ-साथ नेता, मंत्री, सिलेब्रिटी और कई नामचीन हस्तियां भी रथ यात्रा में शामिल हो सकती हैं। यानी इस बार VIP भी उसी रस्सी को खींचने की तैयारी में हैं, जिसे वर्षों से आम भक्त श्रद्धा से खींचते आए हैं।
अमलीपदर की रथ यात्रा केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है। पड़ोसी ओडिशा, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों और जिलों से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। यही वजह है कि इस आयोजन की पहचान हर साल और भी व्यापक होती जा रही है।

जगन्नाथ मंदिर के पूजक एवं अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित युवराज पांडे अपनी पूरी टीम के साथ आयोजन की तैयारियों में दिन-रात जुटे हुए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा से लेकर धार्मिक अनुष्ठानों तक हर व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार देव स्नान पूर्णिमा के दिन स्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं और अनसर (विश्राम काल) में चले जाते हैं। इस दौरान उन्हें आयुर्वेदिक काढ़ा देकर स्वस्थ किया जाता है। स्वस्थ होने के बाद भगवान अपनी मौसी मां के घर नौ दिनों के लिए प्रस्थान करते हैं। यही यात्रा रथ यात्रा के रूप में पूरे उत्साह से मनाई जाती है।

इन नौ दिनों तक भगवान मंदिर से बाहर रहकर आम भक्तों को सुलभ दर्शन देते हैं। मौसी मां मंदिर में प्रतिदिन भंडारे के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति और उत्सव के रंग में डूब जाता है।

फिलहाल अमलीपदर रोशनी, श्रद्धा और उत्साह से सराबोर है। अब सभी की निगाहें उस शुभ घड़ी पर टिकी हैं, जब महाप्रभु अपने भव्य रथ पर सवार होकर मौसी मां के घर के लिए प्रस्थान करेंगे और हजारों श्रद्धालु जय जगन्नाथ के जयघोष के साथ इस ऐतिहासिक यात्रा के साक्षी बनेंगे।

