युवा नेता राजू सोढ़ी जनपद सदस्य दरभा ने प्रेस विज्ञप्ति कर छत्तीसगढ़ और बस्तर में मूसलाधार बारिश से किसानों की फसल हुई बर्बाद राज्य सरकार तत्काल किसानों को उचित मुआवजा दे
छत्तीसगढ़ के बस्तर डिलमिली में भारी बारिश से फसल बर्बाद – किसानों के लिए तत्काल राहत की मांग – राजू सोढ़ी
कृष्ण कुमार कुंजाम

जगदलपुर बस्तर के माटी समाचार
छत्तीसगढ़ बस्तर डिलमिली में देर रात 24 घंटे से लगातार बारिश के कारण छत्तीसगढ़ के बस्तर डिलमिली क्षेत्र में किसानों की मेहनत से उगाई गई फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों की कमर तोड़ दी है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।
बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है, जिससे धान, मक्का, ज्वार और अन्य खरीफ की फसलें पानी में डूब गई हैं। खेतों में पानी भर जाने से न केवल फसल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है, बल्कि कई जगहों पर तो फसल पूरी तरह से खराब हो गई है।
यह भारी बारिश कटाई के अंतिम दौर में आई है, जब किसान अपनी तैयार फसलों को बाजार तक ले जाने की योजना बना रहे थे। इस अप्रत्याशित मूसलाधार बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खेतों में पानी भरने से फसल की बर्बादी के साथ-साथ भविष्य में बुवाई के लिए भी जमीन अनुपयोगी हो गई है।
किसानों की दुर्दशा अत्यंत दयनीय है। उनकी सारी मेहनत और आर्थिक निवेश बर्बाद हो गए हैं। इस संकट की घड़ी में, किसानों को तत्काल सरकारी सहायता की आवश्यकता है।
हम स्थानीय प्रशासन, राज्य सरकार और केंद्र सरकार से तत्काल अपील करते हैं कि:
1. त्वरित सर्वेक्षण:
प्रभावित क्षेत्रों में फसलों के नुकसान का तत्काल और निष्पक्ष सर्वेक्षण कराया जाए।
2. मुआवजा:
पीड़ित किसानों को पर्याप्त वित्तीय मुआवजा प्रदान किया जाए ताकि वे अपनी आजीविका फिर से शुरू कर सकें।
3. राहत सामग्री:
किसानों को खाद, बीज और अन्य आवश्यक कृषि सामग्री पर तत्काल सब्सिडी प्रदान की जाए।
4. ऋण राहत:
किसानों को उनके ऋण चुकाने के लिए राहत प्रदान की जाए और नए ऋण उपलब्ध कराए जाएं।
5. दीर्घकालिक समाधान:
भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए टिकाऊ कृषि पद्धतियों और जल-कुशल तकनीकों को बढ़ावा दिया जाए।
हम आशा करते हैं कि सरकार इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी और प्रभावित किसानों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए प्रभावी कदम उठाएगी।

