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तृतीय व चतुर्थ श्रेणी की भर्ती बस्तर संभाग के शिक्षित बेरोजगारों से ही किया जाए-सीपीआई सी.पी.आई.जिला परिशद् कोण्डागांव ने सौंपा ज्ञापन

सत्यानंद यादव

कोण्डागांव बस्तर के माटी समाचार 26 सितम्बर मुख्य मंत्री छत्तीसगढ़ शासन को सम्बोधित और तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की भर्ती बस्तर संभाग के शिक्षित बेरोजगारों से किए जाने विषयक एक ज्ञापन को जिला कलेक्टर कोण्डागांव के माध्यम से राज्य परिषद् सदस्य तिलक पाण्डे के निर्देष पर सी.पी.आई. जिला परिषद् कोण्डागांव के सचिव शैलेश, सह सचिव द्वय जयप्रकाश, दिनेश, बिसम्बर, सरादू, मुकेश, पतिराम, रामकुमार, रिंकु, मानसिंग भदरु, गंदरु कम्युनिस्ट सदस्यों के द्वारा 26 सितम्बर को प्रेषित किया गया है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि बस्तर संभाग एक आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है, जो लंबे समय से शिक्षा, संसाधनों और अन्य सुविधाओं के अभाव में राज्य के अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा काफी पिछड़ा हुआ है। इसी सामाजिक और शैक्षिक पिछड़ेपन को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र को संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत संरक्षित दर्जा दिया गया है। इस विशेष संवैधानिक व्यवस्था के अंतर्गत हमें यह अधिकार प्राप्त हुआ था कि स्थानीय भर्ती प्रक्रियाओं में स्थानीय शिक्षित बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। किंतु, न्यायालय में हुई कार्यवाही के दौरान तत्कालीन सरकार द्वारा इस अधिकार की मजबूती से पैरवी नहीं की गई, परिणामस्वरूप बस्तर के स्थानीय बेरोजगारों का यह विशेष अधिकार समाप्त कर दिया गया। आज, बस्तर में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की भर्तियाँ मेरिट सूची के आधार पर बाहरी क्षेत्रों से आने वाले अभ्यर्थियों को दी जा रही हैं, जिससे स्थानीय बेरोजगार, रोजगार से वंचित हो रहे हैं और उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया जिला परिषद कोण्डागांव स्थानीय शिक्षित बेरोजगारों के हितों को ध्यान में रखते हुए

1. बस्तर संभाग में होने वाली समस्त तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की नियुक्तियों में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता दी जाए।

2. शासन, न्यायालय में प्रभावी पैरवी करते हुए स्थानीय भर्ती के अधिकार को बहाल कराए।

3. सुनिश्चित किया जाए कि बस्तर की नियुक्तियों का प्रत्यक्ष लाभ बस्तर सम्भाग के निवासियों को ही प्राप्त हो।

4. संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत स्थानीय भर्ती नीति को कानूनी संरक्षण प्रदान किया जाए, ताकि भविष्य में यह अधिकार न छीना जा सके।

5. बस्तर की जनता और बेरोजगार युवा लगातार इस अधिकार की बहाली की मांग कर रहे हैं और संघर्षरत हैं।

आपसे निवेदन करते हैं कि जन भावनाओं का सम्मान करते हुए इस विषय पर ठोस और सकारात्मक कदम उठाएं। यह मांग बस्तर संभाग में निवासरत शिक्षित बेरोजगार युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए सीपीआई द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है। आशा है कि इस ज्ञापन के जरीए की जा रही मांगों को गम्भीरता से लेंगे और सहानुभूतिपूर्वक विचार करके मांग की मंजुरी से हमें सूचित कराएंगे। अन्यथा इस न्याय पूर्ण मांग को लेकर उग्र आन्दोलन शुरू करने के लिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला परिषद कोण्डागांव को बाघ्य होना पड़ेगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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