
कांकेर। विशेष संवाददाता
कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर स्थित आत्मानंद स्कूल के छत पर एक रहस्यमयी गिद्ध के मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि इस गिद्ध के शरीर पर किसी प्रकार का सेंसर या कैमरा जैसा उपकरण लगा हुआ था, जिससे सुरक्षा एजेंसियों और वन विभाग के बीच हड़कंप मच गया है।

कैसे हुआ खुलासा
घटना तब सामने आई जब आत्मानंद स्कूल के कुछ शिक्षकों ने स्कूल के छत पर एक गिद्ध को बैठा हुआ देखा। पहले तो उन्होंने इसे सामान्य घटना समझा, लेकिन जब उन्होंने ध्यान से देखा तो गिद्ध के शरीर पर एक संदिग्ध डिवाइस और पैर में एक स्टीकर टैग लगा हुआ पाया। इस पर संदेह होने पर शिक्षकों ने तुरंत गिद्ध का वीडियो बनाया और वन विभाग को इसकी सूचना दी।

गिद्ध के उड़ जाने से बढ़ा रहस्य
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही गिद्ध उड़ गया। इसके बाद प्रशासन और वन विभाग ने गिद्ध को पकड़ने के लिए अभियान शुरू किया। ड्रोन की सहायता से गिद्ध को ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि शरीर पर लगे उपकरण का पता लगाया जा सके।
जासूसी का अंदेशा, खुफिया विभाग की मदद ली जा रही
प्रशासन को इस बात की आशंका है कि गिद्ध का उपयोग जासूसी के लिए किया जा सकता है। अधिकारियों का मानना है कि यह किसी दुश्मन देश की गुप्त साजिश हो सकती है। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। इस बीच, खुफिया विभाग (आईबी) को भी इस मामले की जांच के लिए सूचित कर दिया गया है।
पहले भी कबूतरों के जरिए जासूसी की घटनाएं

यह पहली बार नहीं है जब पक्षियों का उपयोग जासूसी के लिए किए जाने की आशंका जताई गई है। इससे पहले भी कई बार कबूतरों के जरिए गुप्तचरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लेकिन गिद्ध जैसे बड़े पक्षी के शरीर पर सेंसर और कैमरा का लगना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
वन विभाग जुटा जांच में

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गिद्ध की पहचान और शरीर पर लगे डिवाइस के बारे में जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश की जा रही है। अगर गिद्ध को पकड़ लिया जाता है, तो उससे जुड़े उपकरणों की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि यदि इस गिद्ध को कहीं देखा जाए तो तुरंत प्रशासन या वन विभाग को सूचित करें। फिलहाल, पूरे मामले को लेकर सुरक्षा एजेंसियां और वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।