महाराष्ट्र ,छत्रपति संभाजी नगर: 6 महीने की नौकरी, 23 करोड़ की हेराफेरी!

छत्रपति संभाजी नगर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक संविदा कर्मचारी ने महज छह महीने में 23 करोड़ रुपये का घोटाला कर दिया। सरकारी संस्थान में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हर्षल कुमार खीरसागर नामक युवक ने बैंक के ईमेल आईडी में मामूली बदलाव कर संस्था के खाते से करोड़ों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर कर लिए।
कैसे हुआ करोड़ों का गबन?
सूत्रों के अनुसार, हर्षल ने कोर्स परिसर के एक पुराने लेटर पैड का उपयोग कर बैंक को आवेदन दिया और बैंक अकाउंट से जुड़ी ईमेल आईडी बदलने की दरख्वास्त की। उसने ईमेल आईडी में सिर्फ एक अक्षर बदलकर एक नई आईडी लिंक करा ली, जिससे ओटीपी और ट्रांजैक्शन डिटेल सीधे उसी को मिलने लगीं। इस तरह, उसने बिना किसी रोक-टोक के अकाउंट से पैसे निकालने शुरू कर दिए।

ऐशो-आराम की जिंदगी और महंगे तोहफे
छह महीने के अंदर, हर्षल ने 21 करोड़ 60 लाख रुपये अपने और 13 अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिए। इस पैसे से उसने एक करोड़ 30 लाख रुपये की BMW कार, एक करोड़ 40 लाख रुपये की SUV और 26 लाख रुपये की BMW बाइक खरीदी। इसके अलावा, अपनी गर्लफ्रेंड को चार बीएचके फ्लैट और हीरा लगा हुआ एक चश्मा गिफ्ट्स भी दिए।

पुलिस की कार्रवाई और हर्षल की फरारी
जब संस्थान के खाते में गड़बड़ी पकड़ी गई, तो जांच शुरू हुई और पूरा मामला सामने आया। फिलहाल, हर्षल फरार है, लेकिन पुलिस ने उसकी महंगी गाड़ियों को सीज कर लिया है। इस मामले में दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
यह मामला सरकारी संस्थानों की बैंकिंग सुरक्षा में बड़ी चूक को उजागर करता है। पुलिस अब इस पूरे घोटाले की गहराई से जांच कर रही है और हर्षल की तलाश में जुटी हुई है।
