राजु तोले
ग्रामीणों को पेयजल संकट से मिला छुटकारा
सुकमा बस्तर के माटी समाचार कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन तथा जिला सीईओ नम्रता जैन के मार्गदर्शन में जल जीवन मिशन योजनांतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। जल जीवन मिशन ने ग्रामीण भारत में हर घर को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का जो वायदा किया था, वह आज सुकमा जिले के गांवों में साकार हो रहा है। इस मिशन ने न केवल पानी की समस्या का समाधान किया है, बल्कि ग्रामवासियों के जीवन में आशा की नई किरण लेकर आया है।
दिनचर्या में आया बदलाव, अब हैंडपंप पर निर्भरता भी हुई खत्म
जिला मुख्यालय सुकमा से लगभग 135 किलोमीटर दूर कोंटा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गोंदपल्ली के आश्रित गांव तिम्मापुरम में जल जीवन मिशन के बेहतर क्रियान्वयन का एक जीवंत उदाहरण है। 39 घर में 265 ग्रामीणों की आबादी वाले इस गांव में पहले पेयजल का मुख्य स्रोत केवल हैंडपंप थे। जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम तिम्मापुरम में 09 मीटर 5 हज़ार लीटर के 02 एवं 9 मीटर 5 हज़ार लीटर के 02 सोलर सिस्टम कुल 20 हज़ार लीटर के 2 सोलर टंकी लगे हुए हैं जिनसे सभी घरों में नल के माध्यम से पानी सप्लाई की जा रही है।
ग्रामवासियों का जीवन हुआ आसान
तिम्मापुरम निवासी बारसे सन्नू ने बताया कि घर में नल लगने से हमारा जीवन बहुत सरल हो गया है। गांव में जो हैण्डपंप है, उसमें बरसात में गंदा पानी निकलने की समस्या भी बनी रहती थी। जिससे बीमारी का खतरा रहता था। ऐसे में चलकर 4 किलोमीटर दूर दूसरे गांव जाने के बाद पानी मिल पाता था। गर्मी के दिनों में भू जल स्तर में गिरावट की समस्या के कारण हैण्डपंप के जल का स्तर नीचे चले जाने से पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पाता था। पहले दूर-दूर तक पानी लाने के लिए जाना पड़ता था लेकिन अब हमारे घर में ही नल लगने से साफ पानी मिल रहा है। गांव की निवासी जोगा बारसे बताती हैं कि जल जीवन मिशन हमारे गांव के लिए वरदान साबित हुआ है। हमें पेयजल और घरेलू उपयोग के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो जाता है।
ग्रामीणों ने दिया धन्यवाद
बारसे सन्नू, जोगा बारसे और मारसे सहित गांव की अनेक महिलाओं ने जल जीवन मिशन के तहत् हर घर में नल कनेक्शन देने तथा पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के मुखिया विष्णु देव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया है।