बस्तर के माटी समाचार
जम्मू-कश्मीर में हाल में हुई नृशंस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था की विफलता को उजागर करती है, बल्कि यह साबित करती है कि सरकार नागरिकों को बुनियादी सुरक्षा प्रदान करने में नाकाम रही है।
धारा 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर पूर्ण रूप से भारतीय संविधान के तहत आ चुका है, फिर भी वहां ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं? यह सवाल सिर्फ आम जनता ही नहीं, बल्कि हर संवेदनशील नागरिक पूछ रहा है। ऐसी घटनाएं साफ दिखाती हैं कि सरकार के पास न तो कोई ठोस नीति है और न ही आम नागरिकों की जान की रक्षा करने की इच्छाशक्ति।
**लेबर पार्टी ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ की मांगें:**
1. घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
2. घटना की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए।
3. जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था का पुनर्मूल्यांकन किया जाए।
4. जिम्मेदारी न निभा पाने वाले अधिकारियों एवं नेताओं को तुरंत बर्खास्त किया जाए।
जनता के टैक्स के पैसे पर बैठकर सिर्फ सुविधाएं भोगना या प्रचार करना लोकतंत्र का अपमान है। सरकार की पहली प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा होनी चाहिए। अगर वह इसमें विफल रहती है, तो उसे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए।
लेबर पार्टी ने जम्मू-कश्मीर हिंसा पर सरकार को घेरा
छत्तीसगढ़ की लेबर पार्टी ने जम्मू-कश्मीर में हाल की हिंसक घटना को लेकर केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी ने न्यायिक जांच, दोषियों की सजा और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग की है। प्रदेश अध्यक्ष महेश स्वर्ण ने कहा कि “सरकार की पहली जिम्मेदारी जनता की सुरक्षा है, नाकामी पर इस्तीफा दें।”
जम्मू-कश्मीर की हृदयविदारक घटना पर सरकार की जवाबदेही तय हो – महेश स्वर्ण
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