छत्तीसगढ़ में स्कूलों के विलय/बंद करने और शिक्षक पदों में कटौती को लेकर कांग्रेस ने किया प्रेस वार्ता
छत्तीसगढ़ में स्कूल बंद और शिक्षक पद कटौती पर आक्रोश, कांग्रेस ने की आंदोलन की घोषणा**
**रायपुर बस्तर के माटी समाचार 06 जून 2025:** छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश के 10,463 स्कूलों को बंद करने और 45,000 से अधिक शिक्षक पदों को समाप्त करने के निर्णय को लेकर गहरा आक्रोश और विवाद पैदा हो गया है। विपक्षी कांग्रेस ने इसे “शिक्षा विरोधी और रोजगार विरोधी कदम” बताते हुए जमीनी स्तर पर आंदोलन की घोषणा की है।
**मुख्य आरोप:**
1. **स्कूल बंदी एवं पद कटौती:** कांग्रेस के अनुसार, “नए सेटअप” के नाम पर 10,463 स्कूल सीधे तौर पर बंद कर दिए गए हैं। शिक्षकों के न्यूनतम पदों की संख्या घटाकर लगभग 45,000 पद समाप्त किए जा रहे हैं।
2. **छात्र-शिक्षक अनुपात बिगाड़ना:** प्राथमिक स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात 1:21 से बढ़ाकर 1:30 और मिडिल स्कूलों में 1:26 से बढ़ाकर 1:35 किया जा रहा है। आलोचकों का मानना है कि इसका उद्देश्य नई भर्तियों को रोकना है।
3. **अव्यवहारिक शैक्षणिक बोझ:** नए युक्तिकरण नियमों के तहत, प्राथमिक शालाओं में मात्र 2 शिक्षकों को 18 विषयों की कक्षाएं लेनी होंगी और मिडिल स्कूलों में हेडमास्टर सहित केवल 2 शिक्षकों को 18 कक्षाएं संभालनी होंगी। इसके अलावा उन पर मध्यान्ह भोजन, डाक जवाबदेही जैसे गैर-शैक्षणिक कार्य भी होंगे।
4. **व्यापक रोजगार हानि:** स्कूल बंद होने से हजारों शिक्षकों के साथ-साथ रसोइयों, चौकीदारों और मध्यान्ह भोजन बनाने वाली स्व सहायता समूह की महिलाओं के रोजगार भी खतरे में हैं। नए नियमों से भविष्य में नियमित भर्ती के अवसर भी कम होंगे।
5. **चर्चा का अभाव:** आरोप है कि सरकार ने यह बड़ा फैसला शिक्षक संगठनों, शिक्षाविदों, छात्र संगठनों या प्रभावित वर्ग से कोई चर्चा किए बिना लिया।
6. **पुराने रिकॉर्ड और वादों का हवाला:** कांग्रेस ने याद दिलाया कि पूर्व रमन सरकार के दौरान भी 3300 स्कूल बंद किए गए और 12,000 पद समाप्त हुए थे। उन्होंने भाजपा के चुनावी वादे (58,000 रिक्त पदों को भरने का) और बजट में 20,000 भर्तियों की घोषणा का भी जिक्र करते हुए कहा कि पद समाप्त करके भर्ती का रास्ता ही बंद किया जा रहा है।
7. **दूरस्थ क्षेत्रों पर प्रभाव:** बस्तर, सरगुजा, जशपुर जैसे दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में स्कूलों की कमी होने की आशंका जताई गई है।
**कांग्रेस की प्रतिक्रिया:** कांग्रेस ने सरकार के इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए इसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था को “चौपट” करने का षड्यंत्र बताया। पार्टी ने घोषणा की कि वह इसके खिलाफ पूरे प्रदेश में जमीनी स्तर पर आंदोलन चलाएगी। सभी जिलों और ब्लॉकों में आंदोलन कार्यक्रम चलाए जाएंगे। आंदोलन की विस्तृत कार्ययोजना, तिथि और स्वरूप जल्द ही घोषित किया जाएगा।

