7 साल बाद भी अधूरे प्रधानमंत्री आवास! जांगला पंचायत में PMAY-G के 130 आवासों की जमीनी हकीकत,
सभी मकानों के छत पर टपक रहे पानी7 साल बाद भी अधूरे प्रधानमंत्री आवास! जांगला पंचायत में PMAY-G के 130 आवासों की जमीनी हकीकत, सभी मकानों के छत पर टपक रहे पानी
2018 में मांगा गया था स्पष्टीकरण, 2025 में भी नहीं बने पूरे घर
बीजापुर छत्तीसगढ़ बस्तर के माटी समाचार
ग्राम पंचायत जांगला में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत वित्तीय वर्ष 2018-19 में स्वीकृत 130 आवास आज भी अधूरे पड़े हैं, जबकि इस मामले में पंचायत प्रतिनिधियों को वर्ष 2018 में ही लिखित स्पष्टीकरण मांगा जा चुका था।

2018 की नोटिस तत्कालीन प्रशासन ने सचिव जंगला कोमल निषाद को दो दिन के भीतर हस्ताक्षरित स्पष्टीकरण मांगा गया था नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि अस्पष्टीकरण की स्थिति में “अनुशासनात्मक कार्रवाई” की जाएगी।
2021 में पुनः पत्राचार स्थिति में सुधार न देखकर 2021 में पुनः अनुस्मारक जारी किया गया।
पंचायत सचिन की लापरवाही का नतीजा 2025 में जमीनी हालात ग्रामीणों के अनुसार आज भी 130 आवास निर्माणाधीन हैं, जिससे लाभार्थी बेसहारा हैं। इन आवासों में न पानी की व्यवस्था आज तक उपलब्ध नहीं कराई गई है

ग्रामीणों ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि
“योजना के अनुसार न तो घर बने न ही जवाबदेही तय हुई। हम अब तक अस्थायी झोपड़ियों में रहते हैं जितने मकान बने हुए हैं उस पर मवेशियों का डेरा बना है अभी बारिश में पानी टपक रहा है ऐसे में निर्माण अधीन आवास मकान की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़ा होता है।

“यह मामला प्रशासनिक उदासीनता और जवाबदेही तंत्र की विफलता का ज्वलंत उदाहरण है। ऐसे प्रकरणों में CAG ऑडिट व जन सुनवाई आवश्यक है,”
जांच करवाते हैंअब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशित करनेक बाद अधिकारी इस मामले पर जांच करवाते हैं या पंचायत सचिव से दोबारा स्पष्टीकरण मांगा जाएगा देखना होगा

