RNI NO. CHHHIN /2021 /85302
RNI NO. CHHHIN /2021 /85302
best news portal development company in india
best news portal development company in india

स्वच्छ भारत मिशन में बड़ा घोटाला: नकली शौचालयों पर बंटी करोड़ों की राशि, अधिकारी भी आरोपों के घेरे में

बीजापुर बस्तर के माटी समाचार। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत बीजापुर जिले की एक पंचायत में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। भोपालपटनम जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत रुद्रारम में शौचालय निर्माण में भारी अनियमितताएं पाई गई हैं, जिससे योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।

जांच में पाया गया कि भोपालपटनम जनपद के कई पंचायतों में शौचालय निर्माण के नाम पर बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई। जिसमें कई लोगों के शामिल होने के अंदेशा है।जब हमने रुद्रारम पंचायत में देखा तो
एक ही शौचालय का फोटो अलग-अलग लाभार्थियों के नाम पर अपलोड करके सरकारी राशिकी हेराफेरी की गई।


ऑनलाइन सिस्टम में दिखाए गये शौचालय धरातल पर मौजूद ही नहीं हैं। कागजों पर बने शौचालयों ‌का केवल फाइलों में ही अस्तित्व रखते हैं।
अधिकारियों की मिलीभगत ऐसी है कि शासकीय कर्मचारियों तक ने अपने नाम पर शौचालय स्वीकृत करवाकर योजना का अनुचित लाभ उठाया। हैरत की बात यह है कि ब्लॉक समन्वयक (कोऑर्डिनेटर) वेंकटेश के नाम पर भी एक शौचालय स्वीकृत पाया गया, जिसे बाद में निरस्त करने की बात कही गई। लेकिन वास्तविकता इससे परे है। इनकी बैंक खाते की जांच कराने पर दुध का दुध और पानी का पानी हो जाएगा

इस घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद जिम्मेदार अधिकारी जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रहे हैं। बस्तर के माटी समाचार पत्र के संपादक एवं उनके सथी ब्लॉक कोऑर्डिनेटर वेंकटेश से इस मामले पर बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब देने से साफ इनकार कर दिया। उनका यह रवैया योजना में हुई गड़बड़ियों पर से शक की सुई और भी ज्यादा पुख्ता करता है।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण की राशि सीधे लाभार्थी के खाते में तभी अंतरित की जाती है जब उस शौचालय का जियो-टैगिंग (स्थान की पहचान) और भौतिक सत्यापन पूरा हो जाता है। यानी की सारे हिट गायों के फोटो अपलोड कर बताया जाता है कि सारे शौचालय पूर्ण हो चके हैं इस मामले में, ऐसा प्रतीत होता है कि सत्यापन की पूरी प्रक्रिया पर ध्यान नहीं दिया गया या जानबूझकर इसमें लापरवाही बरती गई।

 

रुद्रारम पंचायत में सामने आया यह मामला स्वच्छ भारत मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। यह घटना सवाल खड़ा करती है कि आखिर जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंच पा रहा है या फिर कुछ अधिकारियों और गलत हाथों में यह केवल भ्रष्टाचार का एक नया जरिया बन कर रह गया है। इस मामले की गहन जांच की जरूरत है ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके और भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लग सके।


वैसे तो मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत भोपालपटनम ने फोन पर बात चीत में कहा कि यदि ऐसी अनियमितता है तो गंभीर विषय है जांच करना होगा।

Facebook
Twitter
WhatsApp
Reddit
Telegram

Leave a Comment

Powered by myUpchar

Weather Forecast

DELHI WEATHER

पंचांग