प्रशासनिक लापरवाही के चलते सरपंच और ग्रामीणों ने स्वयं बनाई सड़क।विधायक के आश्वासन के बावजूद नहीं हुआ काम, ग्रामीणों ने स्वयं उठाया श्रमदान का बीड़ा
संंवाददाता-कृष्ण कुमार कुंजाम
जगदलपुर बस्तर के माटी दरभा (बस्तर)। दिनांक 10 सितंबर, 2025। बीते दिनों आई भीषण बाढ़ ने दरभा ब्लॉक के कई गाँवों को मुख्यधारा से काटकर रख दिया है। बाढ़ के पानी ने मुख्य मार्ग पर स्थित एक पुल के दोनों ओर की मिट्टी (मट्ठी) बहा दी, जिससे यह महत्वपूर्ण सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट गया है।
यह सड़क मुख्य मार्ग को डोडरेपाल, अल्वा, छोटेगुडरा साप्ताहिक बाजार, डिलमिली, मांडवा वाटर, तीरथगढ़ और दरभा ब्लॉक मुख्यालय से जोड़ती है। इसके टूटने से दर्जनों गाँवों का संपर्क बाहरी दुनिया से कट गया है, जिससे लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
स्थानीय जनपद सदस्य राजू सोढ़ी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस गंभीर समस्या की ओर सबका ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि इस संकट के कारण क्षेत्र के हायर सेकंडरी स्कूल के छात्र-छात्राएं और शिक्षक भी स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे शिक्षा का अधिकार भी प्रभावित हो रहा है।

श्री सोढ़ी ने बताया कि बाढ़ आने के तुरंत बाद ही इसकी सूचना शासन-प्रशासन को दी गई थी। इसके कुछ दिनों बाद चित्रकोट विधायक विनायक गोयल भी स्वयं मौके का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने निरीक्षण के बाद तत्काल आने-जाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का आश्वासन दिया।

लेकिन, विधायक के आश्वासन के बाद भी जब किसी प्रकार की कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीणों ने खुद ही हाथों में कुदाल-फावड़ा थाम लिया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और युवाओं ने श्रमदान कर सड़क मरम्मत का बीड़ा उठाया। सरपंच विघ्नेवर बाकड़ा, पूर्व सरपंच दशरू पोड़ियाम, फागनू राम कश्यप और अन्य युवा साथियों के नेतृत्व में ग्रामीण लगातार दूसरे दिन भी पूरे जोश के साथ सड़क निर्माण में जुटे हुए हैं।बाढ़ से टूटे सड़क संपर्क के बाद प्रशासनिक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
यह घटना एक ओर जहाँ प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल खड़े करती है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों की सामुदायिक भावना और स्वयंसहायता की मिसाल पेश करती है।

