गौण खनिज पर राजनीति जोरो पर, प्रेस वार्ता में,दोनों पार्टीयां एक दूसरे पर लगा रहे आरोप,
आरोपों के दौर ऐसे जैसे मुद्दे से भटके नेता ….खनिज विभाग भी जाच के दायरे में, सांठ-गांठ की आ रही बू
बीजापुर बस्तर के माटी समाचार — जिले में पिछले कुछ दिनों से रेत मामले को लेकर कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टीयां एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है भाजपा अपना पक्ष प्रेस वार्ता के माध्यम से कह रही है कि कांग्रेस के कार्यकाल से यह प्रथा चली आ रही है और कांग्रेस के नेता भी इसमें संकलित हैं
अब सही मामला क्या है रेत किसका है? किसने खरीदा है ? किसने किसको बेचा है ? कई सवाल क्षेत्र की जनता के मन में है अब तक कांग्रेस पार्टी के जांच दल के द्वारा रेत खदानों में जाकर जांच की गई और प्रेस वार्ता ली गई आरोप बीजेपी पर लगाई गयी जिस पर पूर्व मंत्री व विधायक ने भी प्रेस वार्ता रखी,
उसने भी मामले पर अपनी प्रतिक्रिया मीडिया में व्यक्ति की साथ ही बताया कि कांग्रेस पार्टी के विधायक रेत मामले पर क्या कर रहे हैं । मामला यहीं नहीं रुका सोशल मीडिया में भी दोनों ही पार्टी ने जमकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर बता रहे हैं कि रेत खदान का मामला काफी पुराना है कई दिनों से यह मामला चल रहा है पर इस रेत की अवैध भंडारण है या अवैध परिवहन या फिर तस्करी खनिज विभाग भी स्पष्ट नहीं कर पा रहा, आखिरकार मामला क्या है?

पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने कहा रेत पर कांग्रेस का हाथ है जनता के साथ विश्वासघात बीजेपी का आरोप स्थानीय विधायक पर संरक्षण में हजारों ट्रक रेत अवैध परिवहन हो गए ।जिले में लगातार सियासत गर्म है वही विधायक को कटघरे में खड़ा कर दिया प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व मंत्री ने यहां तक कह दिया की भोली भाली जनता को गुमराह कर खेल ज्यादा दिन तक नहीं चलेगा सच्चाई यह है कि कांग्रेस की सरकार और स्थानीय विधायक के संरक्षण में रेत का कारोबार चल रहा है ।2020- में जब रेत निविदा प्रक्रिया हुई तब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी । तब बड़े-बड़े दावे किए गए थे पांचवें अंकसूची रेत निकाल और राजस्व बढ़ाया लेकिन हकीकत यही रही की पूरी प्रक्रिया में बदलाव रेत कारोबार ठेकेदारों को सौंप दिया गया । उन्होंने कहा कि 21 और 22 में रेत भंडारण की अनुमति भी कांग्रेस सरकार और तात्कालिक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पंचायत को देखकर ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया था । बावजूद इसके नैतिकता का दिखावा कर रहे हैं क्या जब निविदा प्रक्रिया हो रही थी तो स्थानीय विधायक कुंभकरणीय नींद में थे ??
बीजापुर विधायक विक्रम शाह मांडवी और कांग्रेस जांच दल ने कहा कि भोपालपटनम में रेत के अवैध उत्खनन और अंतर्राज्यीय परिवहन पर कांग्रेस जांच दल की गंभीर चिंता बस्तर संभाग में संविधान की पांचवी अंक सूची पंचायती राज अधिनियम और पेस कानून कागजों तक ही सीमित है।
10 सदस्य जांच टीम ने कहा की तरलागुड़ा तिमेड ग्रामीणों से मुलाकात की स्थानीय जायजा लिया भाजपा नेता और कथित रेत ठेकेदार बी गौतम राव द्वारा बड़े पैमाने पर करोड रुपए की रेत का अवैध उत्खनन और अंतर राज्य परिवहन किया जा रहा है ।कथित ठेकेदार की यह गतिविधि केवल संविधान की पांचवी अंक सूची और पंचायती राज व्यवस्था का उल्लंघन करती है । बल्कि पेस (पंचायती उपबंधन अनुसूचित क्षेत्र में विस्तार) अधिनियम कानून और राष्ट्रीय हरित अधिनियम के नियमों का उल्लंघन भी करती है । जांच दल ने भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल उठाए जांच दल ने यह भी कहा कि बस्तर संभाग एक आदिवासी बहुमूल्य क्षेत्र है । जहां संविधान की बात तो लोग करते हैं पर कथित ठेकेदार जो बीजेपी के कार्यकर्ता है और करोड़ों रुपए की रेत अवैध उत्खनन कर महाराष्ट्र तेलंगाना को परिवहन कर रहे हैं ।
आखिर कौन है मालिक रेत खदान का ….
भद्रकाली रेत खदान मनीष सिंह ,तिमेड रेत खदान रतिश गुप्ता, चन्दूर रेत खदान गोविंद भदौरिया ,तारलागूडा रेत खदान गंगाधर रेड्डी असली मालिक रेत खदान के यह 4 ठेकेदार है । जिन्होंने निविदा प्रक्रिया के तहत रेत खदान पाया था । परंतु किस तरह कहां कैसे मलिक बदल गए यह अब तक खुलकर सामने नहीं आया खनिज विभाग के अधिकारी भी सही जानकारी देने से बचते हैं । विवादों के घेरे में 4 रेत खदान चारों के मालिक ठेकेदार अलग-अलग भाजपा नेता कैसे बन गए रेत खदान के मालिक भी जांच का महत्वपूर्ण विषय हैं । मिली जानकारी के अनुसार चारों ठेकेदारों ने बाहरी लोगों से आर्थिक सहयोग लेकर रेत भंडारण करने में अपनी पूंजी लगाई थी । इस बात का भी खुलासा नहीं हो पाया जब रेत भंडार में तब्दील हुआ तब तक इस बात का किसी को भनक भी क्यों नहीं लग पाई जब रेत खदान के मालिक ही बदल गए । बड़ा अनसुलझा सवाल है सोचिएगा जरुर

