बीजापुर में PMGSY का कहर — सड़क निर्माण के नाम पर आदिवासी किसान की जमीन बर्बाद
बस्तर के माटी समाचार बीजापुर, छत्तीसगढ़ | विशेष रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। पहले अधूरी सड़कों और गायब पुलियों का मामला सामने आया था, और अब सड़क निर्माण के नाम पर एक गरीब आदिवासी किसान की जमीन बर्बाद करने का आरोप लगा है।
शिकायत में क्या है आरोप?
ग्राम चौखनपाल निवासी पीड़ित किसान बुधरू माड़वी ने कलेक्टर, बीजापुर को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि ठेकेदार ने बिना अनुमति उसकी पुश्तैनी कृषि भूमि पर सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया।
किसान के अनुसार, उसकी लगभग 8 एकड़ पुश्तैनी जमीन है
बिना सहमति लगभग 150 मीटर तक सड़क बना दी गई
सड़क किनारे की करीब 3 एकड़ जमीन को खोदकर गहरा गड्ढा बना दिया गया
खेती पूरी तरह प्रभावित
पीड़ित का कहना है कि खेत से मिट्टी और मुरूम निकालकर सड़क निर्माण में उपयोग किया गया, जिससे उसकी जमीन अब खेती के लायक नहीं बची।
खेत में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए
पूरी तरह समतल जमीन खराब हो गई
परिवार की आजीविका पर सीधा असर पड़ा
धमकी और दबाव के आरोप
किसान ने यह भी आरोप लगाया कि जब उसने ठेकेदार का विरोध किया, तो उसे धमकियां दी गईं। यहां तक कि झूठे केस में फंसाने की बात भी कही गई।
परिवार पूरी तरह खेती पर निर्भर है, और अब उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।


प्रशासन से शिकायत, लेकिन कार्रवाई शून्य
पीड़ित किसान ने करीब एक महीने पहले कलेक्टर बीजापुर को लिखित शिकायत दी, लेकिन अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई।
यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर शिकायत के बावजूद प्रशासन खामोश क्यों है?
बड़ा सवाल
क्या प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के नाम पर गरीब आदिवासियों की जमीन पर जबरन कब्जा किया जा रहा है?
क्या विकास के नाम पर ग्रामीणों के अधिकारों का हनन हो रहा है?
बीजापुर में PMGSY से जुड़ी लगातार सामने आ रही गड़बड़ियां यह संकेत दे रही हैं कि कहीं न कहीं नियमों की अनदेखी और जिम्मेदारों की लापरवाही हावी है।
एक ओर सरकार ग्रामीण विकास की बात करती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर गरीब आदिवासी किसान ही नुकसान झेल रहे हैं।
प्रशासन इस गंभीर मामले में तुरंत जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे और पीड़ित किसान को न्याय दिलाए।

